World Heart Day 2022: भारत में हर पांचवा व्यक्ति है दिल का मरीज़

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जिस दिल में युवा किसी को भी जगह दे देते हैं और वैलेंटाइन डे मनाने के लिए तो कई दिन पहले से ही तैयारी शुरू कर देते हैं लेकिन कभी कोई युवा इस दिल का हाल जानने की कोशिश नही करता। अपने सपनों को पूरा करने, एक हाई लाइफस्टाइल जीने के लिए आप अपने दिल को ही नज़रअंदाज़ कर देते हैं। अक्सर युवा ये कहते हुए मिलते हैं कि ये खाने का दिल नही कर रहा या मेरा दिल करता है मेरे पास वो महंगी कार हो आदि। इन सब के बीच आपका दिल आपकी थोड़ी सी परवाह भी चाहता है। हर साल सितंबर के आखिरी हफ्ते में World Heart Day मनाया जाता है। हार्ट के रोगों को लेकर लोगों को जागरुक करने के लिए इसे हर साल मनाया जाता है। एक वक़्त था जब ‘हार्टअटैक’ का नाम सुनकर किसी बुज़ुर्ग इंसान का ख्याल ज़हन में आता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। बुज़ुर्ग के मुक़ाबले अब युवा पीढ़ी इसकी चपेट मे है।

आज भी कितने ही लोग दिल से जुड़ी समस्याओं के बारें में नहीं जानते है। World Heart Day को हार्ट से जुड़ी बिमारियों के बारें में जागरुकता फैलाने के लिए ही 29 सितंबर को मनाया जाता है। दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं जो दिल की बीमारियों से जूझ रहें हैं। भारत में हर पांचवा व्यक्ति दिल का मरीज़ है। दिल की बीमारियों में हार्ट अटैक को सबसे बड़ी बीमारियों में गिना जाता है। देश में हर वर्ष 30 लाख लोगों की दिल की बीमारियों की वजह से मौत हो जाती है। भारत में जहां हर दसवां दिल का मरीज़ 40 साल से कम उम्र का है। आपको ये जानकार हैरानी होगी कि जो रोग वृद्धा अवस्था में पलता था, वो अब 20 साल के जवां दिल पर राज करने लगा है। आज देश World Heart Day मना रहा है। ऐसे में आपके लिए जानना जरूरी है कि दिल खतरे की उम्र सीमा अब 50 से घटकर 20 से 35 साल क्यों हो गई है। 20 और 35 साल के यंगस्टर्स भी दिल की बीमारी से जूझ रहें हैं इसके पीछे चिकित्सकों का मानना है कि मॉर्डन लाइफस्टाइल का असर सबसे ज्यादा युवाओं की सेहत पर पड़ रहा है। देर रात तक जगना, खाने में बहुत ज्यादा कॉलेस्ट्रोल, जंक फूड लेना और तनाव मुक्त रहने के लिए ड्रिकिंग और स्मोकिंग करना युवाओं की दिनचर्या में शुमार है, लेकिन ये उनकी सेहत के लिए घातक बनता जा रहा है।

हमें ये जानकर हैरानी होती है कि 20 से 25 की कम उम्र में भी किसी को दिल का दौरा पड़ सकता है, लेकिन 21वीं सदी के युवाओं का सच यही है कि 40 साल से कम उम्र के 40 प्रतिशत युवा दिल के दौरे का शिकार हो रहे हैं।

ये है वजह –

  • मोटापा
  • शराब का सेवन
  • तंबाकू व स्मोकिंग का सेवन
  • हार्ट में ब्लॉकेज
  • इंफेक्शन
  • थॉयराइड
  • ब्लड प्रेशर
  • जन्मजात बीमारी
  • क्षमता से ज्यादा काम करने का टेंशन

कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक 25 से 35 साल तक के युवाओं में भी अटैक सहित अन्य लक्षण देखने में आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण नशे की प्रवृत्ति को बढ़ाना, दिनचर्या ठीक न होना और गलत खान-पान है। अभी भी लोग अपने दिल को लेकर अवेयर नहीं हो रहे है। हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण नशा व तनाव सामने आया है। नशे की लत के कारण इसका असर लंबे समय के बाद या 30 साल की उम्र के बाद नजर आ रहा है। वहीं ऑफिस में वर्क लोड और टारगेट के प्रेशर के चलते आ रहे मानसिक तनाव की वजह से भी हार्ट अटैक की आशंका बढ़ रही है।

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