तुर्की एक अकेला एसा राष्‍ट्र था, जो कश्‍मीर मामलें को लेकर पाकिस्‍तान का साथ देने खुल कर सामने आया

पाकिस्‍तान और तुर्की दोनों देशों की बढ़ती नजदीकियां किसी से छुपी नही है। तुर्की ने पाकिस्‍तान का मुश्किल घड़ियों में हाथ थामा है। भारत-पाकिस्‍तान के विवादों में वह हमेशा पाक के साथ खड़ा मिला है। तुर्की एक अकेला एसा राष्‍ट्र था, जो कश्‍मीर मामलें को लेकर पाकिस्‍तान का साथ देने खुल कर सामने आया। लेकिन तुर्की के इस ऐलान ने कि वह परमाणु बम बनाएगा। पूरी दुनिया को सहमा दिया हैं। पाकिस्‍तान से यह उम्‍मीद की जा रही है कि परमाणु बम निर्माण में तुर्की का साथ देगा।

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पाकिस्‍तान पर ये सवाल इसलिए उठाए जा रहे है, क्‍योंकि 15 वर्ष पूर्व पाकिस्‍तान के परमाणु तस्‍कर अब्‍दुल कादिर खान ने कहा था कि उसने कुछ देशों को परमाणु तकनीक बेची है। हालांकि, हाल में इस मामले में रूस का भी नाम सामने आया था कि वह तुर्की को परमाणु तकनीक बेच सकता है। ऐसे में जब एक बार फिर तुर्की में परमाणु बम बनाने की चर्चा गरम है ऐसे में पाकिस्‍तान पर शक की सुई घूमना लाजमी है। तुर्की के परमाणु बम निर्माण की खबर ऐसे समय मे आना  जब उत्‍तर सीरिया में उसके हमले जारी हैं एक चिंता का विषय है। साथ ही कुर्दों की हिफाजत को लेकर भी अमेरिका चिंतित है। जिसे लेकर वह अमेरिका के कोप का शिकार भी हो चुका है।

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तुर्की राष्‍ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन का ऐसा बयान सामने आने के बाद अमेरिका में हलचल तेज़ हो गई है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट अमेरिकी नीतियों पर सवाल उठाया है और कहा हैं कि अगर अमेरिका तुर्की के हमलों से कुर्दों की बचा नही सकता है तो वह कैसे उसको परमाणु बम बनाने से रोक सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है परमाणु संपन्‍न तुर्की मध्‍य एशिया में शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं।