Russia में संसद के उच्च सदन ने व्लादिमीर पुतिन को 2024 के बाद दो टर्म के लिए राष्ट्रपति बनाने संबंधी बिल पारित कर दिया है। एक सप्ताह पहले इस बिल को निचले सदन ने पारित कर दिया था। राष्ट्रपति पुतिन के हस्ताक्षर होने के बाद यह कानून बन जाएगा।

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इस वर्ष जुलाई 2020 में जिन संवैधानिक संशोधनों के लिए राष्ट्रव्यापी जनमत संग्रह में सहमति मिली थी, यह उसका ही हिस्सा है। इस बिल के कानून बनने के बाद पुतिन के 2036 तक के लिए राष्ट्रपति बने रहने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद यह विकल्प रहेगा कि वे अपनी मर्जी से पद को छोड़ सकते हैं। पुतिन की उम्र 68 साल है और उनका चौथा कार्यकाल 2024 में पूरा हो रहा है, लेकिन संवैधानिक बदलाव के बाद वे छह साल के दो और कार्यकाल पूरा कर सकते हैं। पुतिन साल 2000 से ही रूस की सत्ता में हैं।

Russia के संविधान में किया गया नया संशोधन

इसके अलावा पिछले दिसंबर महीने में रूस के संविधान में नया संशोधन पास किया गया। इसके तहत रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके परिवार के पद से हटने के बाद भी आपराधिक मुकदमा नहीं दर्ज हो पाएगा। अब पूर्व रूसी राष्‍ट्रपतियों को किसी भी अपराध के लिए आजीवन प्रतिरक्षा प्रदान किया जाएगा, साथ ही वे पुलिस की पूछताछ से भी बचे रहेंगे। क्रेमलिन छोड़ने के बाद उन्हें आजीवन संसद के ऊपरी सदन में सीनेटर बनने की भी अनुमति होगी। हालांकि, इस कानून में कुछ परिस्थितियों में किए गए गंभीर अपराध और राजद्रोह के मामलों को अपवाद की कैटेगरी में रखा गया है। इन हालात में पूर्व राष्ट्रपतियों पर मुकदमा हो सकता है।

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