पाकिस्तान के विधायक को ही है पाकिस्तान से डर, भारत की शरण में आए पाक के…

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पाकिस्तान के विधायक को ही है पाकिस्तान से डर, भारत की शरण में आए पाक के...

पाकिस्तान में 2 साल जेल की सजा, तथा 36 घंटे के विधायक बने बलदेव सिंह क्यों लोट आए भारत ?

बलदेव सिंह, जो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के एक विधायक रह चुके है,  आपको बता दें कि  वे पाकिस्तान में उनके साथ हो रहे अत्याचारों की वजह से पंजाब वापस आ गए हैं । अतः उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर कई भी आरोप लगाए हैं और कहा है कि एक ‘नए पाकिस्तान‘ के बारे में उनका दावा गलत है क्योंकि PAK में एक अल्पसंख्यक पर अत्याचार किया जा रहा हैं।

बलदेव सिंह ने भारत में राजनीतिक शरण मांगी है, भले ही वह तीन महीने के वीजा पर भारत आए हुए है. और अब वापस नहीं जाने की बात कर रहे हैं। अगर बलदेव सिंह की बात करें तो वह पाकिस्तान में बोर्ड के सदस्य रहे हैं और केवल 36 घंटे के लिए विधायक भी रहे हैं।

अभी वो अपने परिवार के साथ खन्ना के मॉडल टाउन में दो कमरों के किराये के घर में दिन  दिन गुजार रहे हैं।

पाकिस्तान के विधायक को ही है पाकिस्तान से डर, भारत की शरण में आए पाक के...

बलदेव सिंह ने 2007 में पंजाब के खन्ना में रहने वाली भावना से शादी की। वे अपनी शादी के समय PAK में पार्षद थे और बाद में MLA  बने। अभी वो अपने परिवार के साथ खन्ना के मॉडल टाउन में दो कमरों के किराये के घर में दिन  दिन गुजार रहे हैं।

बलदेव की पत्नी भावना एक भारतीय नागरिक हैं। उनके 2 बच्चे हैं। रिया जो 11 साल की है और सैम जो 10 साल का है। हालांकि उनके दोनों बच्चों को पाकिस्तानी नागरिकता मिलीं हुई हैं। उनकी बेटी रिया थैलेसीमिया नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित है, और उसका इलाज अभी चल रहा है।

बलदेव कुमार सिंह खैबर पख्तून ख्वा प्रांत में आरक्षित बारिकोट की कुर्सी से 36 घंटे विधायक चुके है,  आपको बता दें कि उनके विधायक होने की कहानी बिल्कुल अलग है। क्योंकि, 2016 में  उनके क्षेत्र के MLA की हत्या कर दी गई थी।.  इस  दौरान  हत्या के मामले का आरोप उनपर भी लगा था और तब उन्हें 2 साल की सजा भी सुनाई गई थी।

वह 2018 तक जेल में रहे, लेकिन जब वह जेल से रिहा होकर वापस आए तो क्षेत्र में पार्टी का दूसरा  बड़ा नेता ना होने की वजह से उन्हें वहां का विधायक बना दिया गया। हालांकि, वह केवल 36 घंटे के लिए ही विधायक बन पाए,  क्योंकि तब तक विधानसभा के कार्यकाल की समाप्ति हो चुकी थीं