जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन से परेशान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखा है।

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अब कश्मीर में शांति देखी जाने लगी है। धीरे-धीरे वहां सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। कुछ अलगाववादियों नेताओं की रिहाई भी हो चुकी है लेकिन पाकिस्तान है कि अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है वह लगातार कश्मीर मुद्दे को कहीं भी उठाकर खड़ा हो जाता है।

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कश्मीर को लेकर पाकिस्तान ने यूएन को लिखा पत्र, भारत ने दिया जवाब...जानकारी के लिए बता दे कि केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया। जिसके बाद अलगाववादी नेता और कुछ विपक्षी पार्टी के नेता नाराज दिखे। कुछ अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने नजरबंद कर लिया। जो अब धीरे-धीरे छोड़े जा रहे हैं। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर सबसे ज्यादा परेशान पाकिस्तान दिखा और उसने इसका पुरजोर विरोध किया लेकिन भारत अपने फैसले पर अडिग खड़ा रहा। पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को लेकर कई बड़े देशों के पास भी गया लेकिन जब उसकी कहीं भी चलती हुई दिखाई नहीं दी तो उसने भारत को युद्ध की धमकियां देनी शुरू कर दी।

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अब कई महीनों बाद पाकिस्तान ने कश्मीर का राग फिर से छेड़ना शुरू कर दिया है। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन से परेशान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि कश्मीर का पुनर्गठन फिर से खत्म किया जाए। लेकिन दूसरी तरफ भारत का कहना है कि 1949 में स्थापित यूएनएमओजीआइपी अपनी उपयोगिता खो चुका है। अब इसका कोई वजूद नहीं रह गया है क्योंकि शिमला समझौते और एलओसी के बाद इसका हमारे लिए कोई वजूद नहीं है।