Myanmar: आंदोलनकारियों ने निकाला कैंडिल मार्च

Myanmar में रक्षा बलों द्वारा दमनचक्र चलाए जाने के बावजूद लोकतंत्र समर्थकों का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा है। मोनवाया में आंदोलनकारियों पर गोली चलाए जाने से एक व्यक्ति की जहां मौत हो गई वहीं कई अन्य घायल हो गए।

20 शहरों में आंदोलनकारियों ने निकाल कैंडिल मार्च

उधर, शनिवार-रविवार की दरम्यिानी रात को देश के सबसे बड़े शहर यंगून सहित 20 शहरों में आंदोलनकारियों ने कैंडिल मार्च निकाला। दूसरे बड़े शहर मांडले में स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर बौद्ध भिक्षु प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते दिखाई दिए।

एक फरवरी को तख्तापलट के बाद से विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी

बता दें कि एक फरवरी को तख्तापलट के बाद से विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई में अब तक 248 लोग मारे जा चुके हैं। उधर, सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों को धमकाने और अपना एजेंडा प्रचारित करने के लिए टिक-टॉक का जमकर प्रयोग किया जा रहा है। इसका पता लगने के बाद शार्ट वीडियो शेयरिंग एप ने कुछ अकाउंट पर रोक लगा दी है। एनएलडी को पिछले साल हुए चुनावों में बड़ी जीत हासिल हुई थी, लेकिन सेना ने कहा कि चुनाव में फ़र्जीवाड़ा हुआ था। एक फ़रवरी को Myanmar की सेना ने देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को गिरफ़्तार करने के बाद सत्ता अपने हाथ में ले ली थी।

गिरफ़्तारी से बच गए सांसदों ने बनाया एक ग्रुप

एनएलडी की प्रमुख आंग सान सू ची पर वहां की पुलिस ने भी कई आरोप लगाए हैं। गिरफ़्तारी से बच गए सांसदों ने एक नया ग्रुप बना लिया था जिसे कमेटी फ़ॉर रिप्रेज़ेंटिंग यूनियन पार्लियामेंट या सीआरपीएच कहते हैं। म्हान विन खाइंग थान को इसका कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया था. सीआरपीएच म्यांमार की असली सरकार के रूप में एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाह रही है।