जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान गुस्से में है। लगातार ईरान अमेरिका को सबक सिखाने में लगा है।

अमेरिकी हमले में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान गुस्से में है। लगातार ईरान अमेरिका को सबक सिखाने में लगा है। यह तो ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि जिन्होंने सुलेमानी को मारा है उसे किसी भी कीमत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी के साथ ईरान ने अमेरिकी सेना को आतंकी घोषित पहले ही कर दिया था।

विमान क्रैश होने से 180 लोगों की मौत के बाद ईरान को भूकंप ने हिलाया

ईरान ने अमेरिका से जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना शुरू कर दिया। कासिम सुलेमानी को दफनाने के बाद ईरान ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। ईरान का दावा है कि उन्होंने अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागी हैं। जिसमें 80 लोगों की मौत हो गई है। ईरान ने इरबिल और अल असद इलाके में वहां हमला किया है जहां अमेरिकी अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी बल ठहरे हुए थे।

इराक से अमेरिका सेना को वापस बुलाने पर, अमेरिका ने कहा

वहीं खबर है कि अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ बैठक की। जिसमें विदेश मंत्री माइक पोंपियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर मौजूद थे। ट्रंप का इस हमले को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि इराक में दो सैन्य ठिकानों पर ईरान ने हमला किया है। उनका कहना था कि हमारे पास दुनिया की बेहतर और शक्तिशाली सेना है। मैं कल सुबह बयान दूंगा।

बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने लिया खतरनाक फैसला, कहा अमेरिका परमाणु

आपको बता दें, अमेरिका ने ड्रोन हमले में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी को एयर स्ट्राइक में मार गिराया था। जिसके बाद ईरान ने बदला लेने का ऐलान भी कर दिया। ईरान का कहना है कि जिनके हाथ सुलेमानी के खून से रंगे हैं उसे किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।

आप ABStarNews हिन्दी ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं,
आप हमें फ़ेसबुकइंस्टाग्रामट्विटर और यूट्यूबपर पर फ़ॉलो कर सकते हैं |