फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को अगाह किया है कि वो फरवरी 2020 तक सुधार के लिए सख्त कदम उठाए।

टेरर फंडिंग को लेकर फिलहाल कुछ समय तक पाकिस्तान के सर से ब्लैकलिस्ट होने का खतरा टल गया है। उसे आगे कुछ और महीनों का समय मिल गया है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को अगाह किया है कि वो फरवरी 2020 तक सुधार के लिए सख्त कदम उठाए। अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है।बता दें कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन और कारोबार पर भी सदस्यों से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। चीन, मलयेशिया और तुर्की के समर्थन के कारण फिलहाल पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट होने से बच गया, लेकिन अब ग्रे लिस्ट से निकलना नामुमकिन सा लग रहा है।

पाकिस्तान ने कहा भारत ने अगर हमारा पानी रोका तो…

Image result for blacklist pakistan fatf

एफएटीएफ चार्टर के मुताबिक किसी भी देश को ब्लैकलिस्ट नहीं करने के लिए कम से कम तीन देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। बता दें कि पाकिस्तान फिलहाल ‘ग्रे लिस्ट’ (वॉच लिस्ट) में है और वो इससे बाहर आने की कोशिश में लगातार जुटा हुआ है। एफएटीएफ ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई पूरी करने के लिए उसे अक्टूबर तक का समय दिया था।

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने राम जन्म भूमि का नक्शा फाड दिया तो क्या बोले जज…

Image result for blacklist pakistan fatf

FATF  क्या है ?

FATF  पेरिस स्थित अंतर-सरकारी एक संस्था है। जिसका काम आतंकी संगठनों को गैरकानूनी आर्थिक मदद को रोकने के लिए नियम बनाना है और इसके पालन पर अपनी रिपोर्ट देना है। इस संस्था का गठन 1989 में किया गया था। एफएटीएफ की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर देश को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में काफी कठिनाई आती है।