दुनियाभर से इसरो की मदद के हाथ आगे आएं हैं

इसरो लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश में लगा है. जैसे-जैसे वक्त गुजरता जा रहा है दिल की धड़कने भी बढ़ती जा रही है. ऐसे में दुनियाभर से इसरो की मदद के हाथ आगे आएं हैं. इसरो की मदद करने के लिए नासा ने विक्रम लैंडर को हैलो कहा हैं. अगर इस हैलो का जबाव मिलता है तो इसरो के वेज्ञानिकों के मायूस चेहरों पर मुस्कुराहट वापिस आ जाएगी।  नासा का विक्रम को हैलो..

सात सितंबर को हार्ड लैंडिंग के बाद इसरो का विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया था. अगर विक्रम से इसरो का संपर्क स्थापित हो जाता है तो लैंडर और रोवर अपना काम शुरू कर देंगे और भारत का यह अंतरिक्ष अभियान 100 प्रतिशत सफलता हो जाएगा।

इसी बीच दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चांद की सतह पर पड़े विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की है. नासा ने विक्रम लैंडर को रेडियो फ्रीक्वेंसी हैलो का संदेश भेजा है।

विक्रम से संपर्क स्थापित करने की उम्मीदें दिन-ब-दिन कम होती जा रही हैं. 20-21 सितंबर को जब चांद पर रात होगी तब विक्रम से दोबारा संपर्क स्थापित करने की सारी उम्मीदें खत्म हो जाएंगी. ऐसे में आने वाले यह सात दिन बेहद खास है।