अंटार्कटिका में मेडिकल सुविधा के सीमित होने से हो सकते हैं भयानक परिणाम

कोरोनावायरस से देश दुनिया परेशान है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अभी भी एक जगह ऐसी थी जहां कोरोना की पकड़ नहीं थी लेकिन अब कोरोनावायरस अंटार्कटिका तक पहुंच गया है।

पृथ्वी के दक्षिणी छोर पर स्थित यह महाद्वीप अभी तक इस महामारी की चपेट में आने से बचा था। चिली की सेना ने यह जानकारी दी है। चिली की सेना ने कहा कि अंटार्कटिका पर स्थिति रिसर्च स्टेशन बरनार्डो ओ हिगिंस बेस की देखरेख करने वाली कंपनी के 10 कर्मचारी और 26 सैन्यकर्मियों को कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया है। बता दें कि इन्हें वहां से हटाकर चिली में क्वारंटाइन किया गया है। चिली की सेना इस रिसर्च स्टेशन को संचालित करती है।

जानें, कैसे पहुंचा कोरोनावायरस इस महाद्वीप तक

चारों तरफ से दक्षिणी महासागर से घिरे अंटार्कटिका का ज्यादातर हिस्सा बर्फ के पहाड़ों से ढका हुआ है। पूरे महाद्वीप पर 38 रिसर्च स्टेशन फैले हुए हैं, जहां लगभग एक हजार से अधिक लोग रहते हैं। कोरोना संक्रमण से इसे बचाने के लिए कई उपाय किए गए थे। अंटार्कटिका ने इससे पहले पर्यटन पर रोक लगा दी थी और अन्य गतिविधियों में कटौती कर दी गई थी। बता दें कि 27 नवंबर को चिली से कुछ सामान अंटार्कटिका पहुंचा था और इसी से लोग संक्रमित हो गए।

अंटार्कटिका में भयानक हो सकता है परिणाम

काउंसिल ऑफ मैनेजर ऑफ नेशनल अंटार्कटिक प्रोग्राम के दस्तावेज के मुताबिक बहुत ज्यादा संक्रामक कोरोनावायरस अंटार्कटिका के सख्त वातावरण में ज्यादा जानलेवा और तेजी से फैल सकता है और मेडिकल सुविधा के सीमित होने के संभावित तौर पर भयानक परिणाम हो सकते हैं। बता दें कि चिली की नौसेना का दावा है कि अंटार्कटिक के दौरे पर जितने भी लोग गए थे उनका पीसीआर टेस्ट करवाया गया है और सभी नेगेटिव हैं।

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है