कृषि कानू के खिलाफ किसान पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों को ट्रैक्टर रैली की इजाजत मिली जिसके बाद किसानों ने दिल्ली की सीमाओं के आसपाल ट्रैक्टर रैली धूमधाम से निकाली। इस दौरान कई जगहों पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इस दौरान प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े लेकिन किसान पुलिस को चकमा देकर झंडे लहराते हुए लाल किले तक पहुंच गए और अपना झंडा लगा दिया। अब लाल किले में हुई इस घटना की हर तरफ निंदा हो रही है। इस घटना के बाद लाल किले की ओर अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेज दी गई है।

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वहीं दिल्ली हिंसा को लेकर अब गृह मंत्रालय की बैठकों का दौर लगातार जारी है बता दें कि मामले को लेकर 3 बैठकें हो चुकी हैं जिनमें आज हुई हिंसा से जुड़े हर पहलू को लेकर गृह मंत्रालय समीक्षा कर रहा है।  वहीं दिल्ली हिंसा के बाद सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर समेत कई इलाकों में रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने जवानों को उपद्रवियों से पूरी ताकत से रोकने के आदेश दिए हैं।

वहीं अब मामले को लेकर विरोधी सरकार पर सवाल उठाने लगे हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने सरकार से सवाल पूछा है कि आखिर उपद्रवी लाल किले में कैसे घुसे और उस वक्त सरकार क्या कर रही थी। वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार का कहना है कि सरकार को समझदारी दिखाते हुए कृषि कानूनों को वापस ले लेना चाहिए

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