दिल्ली में बढ़ने लगे हैं सब्जियों के दाम

कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच विवाद जिद पर आकर ठहर गया है। कई दौर की बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकल सका है। सरकार कृषि कानूनों में संशोधन की बात मान गई है लेकिन किसान तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं और सरकार और किसानों के बीच बातचीत बनती नहीं दिख रही है। किसानों को दिल्ली बॉर्डर पर 3 हफ्ते से ज्यादा का वक्त हो गया है। कड़ाके की सर्दी में भी किसानों के हौसले अडिग नजर आ रहे हैं। लेकिन किसानों और सरकार के बीच चल रही तकरार का खामियाजा दिल्लीवालों को भुगतना पड़ रहा है।

दिल्ली में सब्जियां महंगी

दरअसल किसान आंदोलन की वजह से दिल्लीवालों को महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। किसान आंदोलन के कारण जो छोटे किसान फल और सब्जियां उगाते हैं, वो पहले के मुकाबले बहुत कम दिल्ली की मंडियों में सब्जियां भेज पा रहे हैं। मंडियों में सब्जी लेकर आने वाले ट्रकों की संख्या भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। आजादपुर मंडी में जहां पहले 50 ट्रक सब्जियों के पहुंचते थे वहीं अब उनकी संख्या घटकर 18 से 20 रह गई है। एक पंजाब के ट्रक चालक ने एबी स्टार से खास बातचीत में बताया कि वो किसान आंदोलन के कारण सब्जियों के ट्रक को हरियाणा के रास्ते दिल्ली लाने के बजाय मध्यप्रदेश के रास्ते दिल्ली लेकर आया है। जिसकी वजह से उसकी ज्यादातर सब्जियां सड़ गई हैं। वहीं किसान आंदोलन के कारण सब्जी उगाने वाले किसान दिल्ली की मंडियों के बजाय आस-पास की दुकानों का रूख कर रहे हैं और औने-पौन दामों पर सब्जियां बेच रहे हैं।

आपूर्ति कम होने पर बढ़ जाते हैं दाम

दरअसल मंडियों में सब्जी की कमी का असर अब सीधे दिल्ली की जनता की जेब पर पड़ने वाला है। मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने पर सब्जियों के दाम बढ़ा लाजमी है। कुल मिलाकर साफ है कि किसान आंदोलन जितना लंबा चलेगा और दिल्ली की मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति जितनी कम होगी उतना ही ज्यादा असर जनता की जेब पर पड़ेगा।

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