डिपो होल्डर पर दलितों का हक मारने का आरोप

देश में फैली कोरोना महामारी के बीच हुए लॉकडाउन ने पूरे देश को आर्थिक संकट के मुंह में धकेल दिया है। कम्पनियां बन्द होने की वजह से लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया। लोग शहरों से अपने गांवों की और रुख कर लौट गए और जो रह गए उनका भी जाने का सिलसिला जारी है। अपने गांवों की ओर लौट रहे लोगों की सामाजसेवी संस्थाओं ने खाने-पीने और रुपयों से मदद की, वहीं इसी कड़ी में देश के प्रधानमंत्री ने लोगों को मुफ्त राशन देने की घोषणा की जिससे आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत दी जा सके। लेकिन डिपो होल्डर है कि दूसरों के हक को बेधड़क डकार रहे हैं। यहां तक कि डीपो होल्डर दलित और BPL परिवारों को भी नहीं बक्श रहे हैं।

ताजा मामला फरीदाबाद के गांव गोंच्छी में देखने को मिला जहां गोपाल नाम का डिपो होल्डर न केवल दलित और BPL परिवारों का हक लूट कर खा रहा है बल्कि वह देश के प्रधानमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा है। इस लूट से परेशान लोगों के सब्र का बांध आखिर टूट गया और डिपो होल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उस पर अंगूठा लगवाकर  भी पूरा राशन न देने का आरोप लगाया है।

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जब इस मामले में डिपो होल्डर गोपाल से बात की गई तो उसने कैमरे पर आकर कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। जिसके बाद इसकी शिकायत मीडिया द्वारा जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी से की तो उन्होंने वही राटा-रटाया जवाब दिया और केवल जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लेकिन अक्सर देखा गया है कि जांच के बाद आश्वासन का नतीजा केवल ढाक के तीन पात ही निकलता है।

बता दें कि एनआईटी फरीदाबाद के गोंच्छी गांव के लगभग सभी दलित परिवारों के पास ज्यादातर बीपीएल कार्ड है। इनका आरोप है कि लॉकडाउन के बाद से इनके डिपो होल्डर ने इन्हें कभी पूरा राशन नहीं दिया और इनसे अंगूठा लगवाकर इनका राशन भी नहीं देता है। जब इन लोगों ने डिपो होल्डर का वह लोग जब विरोध करते हैं तो वह उन्हें धमकाकर भगा देता है जिसकी शिकायत अब उन्होंने उच्च अधिकारियों से की है लेकिन अभी तक डिपो होल्डर गोपाल के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है वह अपनी मनमर्जी से लोगों को राशन देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकडाउन में उसने एक-दो बार राशन दिया लेकिन कभी पूरा राशन नहीं दिया और इससे पहले वे हर एक कार्ड से पांच-पांच किलो राशन कम देता आ रहा है।

वहीं जब इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी केके गोयल से बात की गई तो उन्होंने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। खैर अब देखना यह देखना दिलचस्प होगा कि दलित और BPL परिवारों के हक को मारकर देश के प्रधानमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखाने वाले डिपो होल्डर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। क्या जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी डिपो होल्डर की लूट का खुलासा होने पर कोई कार्रवाई करेगा। क्या दलित और बीपीएल परिवारों को उनका हक कभी मिल पाएगा या यूं ही ऊंचे रसूख के डिपो होल्डर अपनी मनमानी कर देश के प्रधानमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखाते रहेंगे।

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