7 से 9 बजे तक होटल,रेस्टोरेंट खुलने के निर्देश,कैसे करें डिनर?

कोरोना महामारी ने व्यापारियों की तोड़ी कमर

लाकडाउन के 76 दिन बाद 8 जून को शहर के सभी होटल और रेस्टोरेंट खोल दिए गए। सभी जगहों पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी गाइडलाइन का पालन जा रहा है। हालांकि होटल,रेस्टोरेंट्स और ढाबे खुलने के बाद भी बहुत कम कस्टमर ही होटल और रेस्टोरेंट में पहुंच रहे हैं। ऑनलाइन आर्डर में भी कमी आई है।जिसकी वजह से होटल व्यापारी काफी निराश दिखाई दिए।

गाईडलाइन के अनुसार होटल,रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों की तरफ से सभी जगहों पर सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग की पूरी व्यवस्था है। क्राकरी भी यूज एंड थ्रो ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लोगों के बैठने के लिए दूर दूर टेबल भी लगाए गए हैं लेकिन यहां बड़ा सवाल ये है कि जब सुबह 7 बजे से राज 9 बजे तक ही होटल और रेस्टोरेंट को खोलने की इजाज़त दी गई है तो ऐसे में होटल या रेस्टोरेंट में जाकर कोई डीनर कैसे करें?

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आमतौर पर किसी भी रेस्टोरेंट या होटल को बंद करने में 1-2 घंटे लग जाते हैं। ऐसे में 9 बजे तक इन्हें बंद करने के लिए पहले से ही तैयारी शुरु हो जाती है। आमतौर पर लोग डीनर करने के लिए 7-8 बजे के बाद ही जाते हैं। और इस समय रेस्टोरेंट और होटल बंद हो रहे होते हैं। जिससे ना सिर्फ होटल मालिक, रेस्टोरेंट मालिक या ढाबा मालिक ही परेशान नहीं हो रहे, आम जनता भी परेशान हो रही है। हालांकि कुछ लोग ऑनलाइन ऑर्डर कर घर पर ही खाना मंगा लेते हैं लेकिन जिन जगहों पर खाने की डिलीवरी नहीं हो सकती या जो ऑनलिन आर्डर नहीं कर सकते हैं,उनके लिए परेशानी बढ़ जाती है।

वहीं दूसरी तरफ बड़े-बड़े शापिंग मॉल पर भी इसका साफ असर दिख रहा है। इन मॉल्स में 50% दुकानें बंद हैं। शॉपिंग करने के लिए भी बहुत कम लोग इन मॉल्स में पहुंच रहे हैं।हालांकि यहां भी गाइडलाइन की सभी शर्तें पूरी की जा रही हैं,बावजूद इसके कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लोग ऐसी जगहों पर कम जा रहे हैं।

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देखा जाए तो कोरोना वायरस ने बड़े-से बड़े कारोबारी की कमर तोड़कर रख दी है, शॉपिंग मॉल्स हो,होटल हो रेस्टोरेंट हों या भी दूसरे व्यापार सब पर इसका प्रभाव देखा जा सकता है। ऐसे में लोगों को आर्थिंक दंगी का डर सता रहा है,कि कैसे इस परेशानी से निकला जाए। GDP गिरती जा रही है। वहीं पीएम मोदी ने भी कह दिया है कि अब लोगों को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा,तभी इस देश का विकास हो सकता है।

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