OTT platforms को लेकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया शपथ पत्र

सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो और हॉटस्टार सहित अन्य OTT(ओवर द टॉप) से जुड़े दिशानिर्देशों की सुनवाई को लंबित करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट से फिलहाल इस मामले में सरकार की ओर से दायर याचिका की सुनवाई पर रोक लगाने को कहा है। वहीं केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दायक किया। जिसमें सरकार ने दावा किया कि ओटीटी प्लेटफार्मों पर होने वाले कार्यक्रमों की सामग्री और इन प्लेटफार्मों पर सामग्री की जांच के लिए एक तंत्र बनाने की जरूर की मांग लंबे समय से हो रही थी।

सरकार ने शपथ पत्र में कहा है कि सांसदों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसलिए सोशल मीडिया प्लटफॉर्म्स, ओटीटी और डिजिटल मीडिया के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 का मसौदा तैयार करना पड़ा। सरकार ने यह शपथ पत्र सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा की ओर से दायर जनहित याचिका के बाद दायर किया, जिन्होंने ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्मों में सामग्री के विनियमन की मांग की थी।

पुलिसकर्मियों को सख़्त निर्देश, 30 March तक नहीं मिलेगी कोई छुट्टी

न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के अनुसार इस शपथ पत्र का सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की ओर से नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, हॉटस्टार सहित अन्य ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्मों के विनियमन और कामकाज के लिए विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष सभी कार्यवाही लंबित करने को कहा है। वहीं बीते दिनों इंटरनेट मीडिया, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्म व डिजिटल मीडिया को लेकर सरकार के हालिया दिशानिर्देशों पर सुप्रीम कोर्ट ने निराशा जताई है। शीर्ष अदालत ने इन निर्देशों को एंटी सोशल कंटेंट पर लगाम लगाने में नाकाफी मानते हुए कहा कि इनमें उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का कोई प्रभावी तंत्र नहीं है। नियम-कायदे बनाने से काम नहीं चलेगा। बिना उचित कानून के इन पर नियंत्रण संभव नहीं है।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है