इजरायल और गाजा के हमास चरमपंथी के बिच दशको से संघर्ष चलता आ रहा है, 2014 के बाद और भयानक रुप ले लिया जिसके बाद राष्ट्रीय और विदेश स्तर पर भी ज्यादा आक्रोश बढ़ने लगा। उसके बाद अमेरीका अपनी विदेश नीति में आफगानिस्तान और पश्चिम एशिया से अपना ध्यान हटाने को बाइडन पुलिस प्रशासन संघर्ष में इजरायल की रणनीति सवाल करते हुए काफी निंदा करने और राजनयिक को तैनात को लेकर इनकार किया है।

इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के साथ कई मुस्लिम देश के विदेश मंत्रियों ने फिलिस्तीन,इजरायल के बीच युद्ध स्तरीय हिंसा को रोकने के प्रयासों से खत्म करने को लेकर तत्काल उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। वही पिछले हप्ते से गाजा शहर पर कई बार रॉकेट से इजरायल ने तबाह करने की कोशिश की है। वही अमेरिका के नेताओं ने बाइडन के इस मामले को लेकर वाकालत की है, राष्ट्रपति ने इजराइल पर किसी भी तकीके से दबाव बढ़ाने का कोई भी संकेत नहीं दिया है। अमेरिका के राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने बैठक में कहा कि इस संघर्ष को रोकने में राजनयिक माध्यमों से कोशिश कर रहा है.

राजदूत ने चेतावनी देते हुए कहा कि सशस्त्र से सालों पुराने फिलिस्तीन और इजराल के बातचीत से फैसला निष्प्रभावी होने कि संभावना है। इस बयान के बाद ट्यूनिशिया , नॉर्वे के साथ चीन के कई प्रयासों को आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा है इजरायल में अमेरिका के अधिकारी ने रक्षा मंत्री बेनी गैंज से मुलाकात की साथ ही बाइडन और उनका समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.

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