सुप्रीम कोर्ट :तीनों कृषि कानूनों पर रोक

BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि,”हर कोई जानता है कि 90 प्रतिशत शांतिप्रिय किसान सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद, आंदोलन जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन निहित स्वार्थ वाले व्यक्ति देश की डी-स्टैब्लिशिंग की कीमत पर भी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। मिश्रा कहते है कि सुप्रीम कोर्ट  ने जो तीनों कृषि कानूनों पर रोक लगाई है येफैसला एक ऐतिहासिक कदम है और किसानों को अब अपना आंदोलन रोक देना चाहिए।

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हालांकि, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ कुछ राजनेताओं द्वारा गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी की गई हैं,जो हमारे संस्थानों और राष्ट्र को अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए कमजोर करने में लगे हुए हैं। इस प्रकार उन्होंने नागरिकों से अपनी चुप्पी तोड़ने आग्रह किया हम यह समझने में नाकाम रहे  हैं कि जो लोग मीडिया में अपमानजनक करने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं, वे क्यों अदालत के सामने अपना पक्ष रखने के लिए पेश नहीं हुए? अगर किसी के पास भी समिति के गठन के खिलाफ कोई  भी आधार है तो कानून का पालन करने वाले हर नागरिक के लिए उपलब्ध एकमात्र सहारा सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करना और आदेश के संशोधन के लिए अनुरोध करना है। लेकिन, ये तथाकथित समस्या का समाधान नहीं चाहते हैं, बल्कि उनका एकमात्र मकसद आंदोलन का फायदा उठाना है और आंदोलनकारी किसानों को गुमराह करना है।

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