Taj Mahal का नया नाम होगा तेजो महालय!

0
209

बरसों से जिसे आप Taj Mahal कहते आए हैं उसे अब बदल कर तेजो महालय कर दिया जाएगा। दरअसल Taj Mahal का नाम तेजो महालय करने की मांग फिर तेज हो गई है। अब ये मांग नगर निगम सदन में भी गूंजेगी। BJP पार्षद शोभाराम राठौर ने इसे प्रस्ताव बनाकर बुधवार (31 अगस्त) को होने वाली नगर निगम के सदन की बैठक में पेश करने का फैसला लिया है।

इस मुद्दे पर अधिकारी मौन हैं, लेकिन मेयर का कहना है कि प्रस्ताव आया है, सदन में पढ़ा जाएगा और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। पार्षद शोभाराम राठौर का तर्क है कि नगर निगम ने साढ़े चार वर्षों में सड़कों और चौराहों का नामकरण किया है। इसलिए अब वह Taj Mahal का नाम तेजो महालय रखने का प्रस्ताव नगर निगम में पेश करेंगे।

जानें क्या हैं, पार्षद के तर्क

स्मारक को Taj Mahal नाम एक विदेशी यात्री द्वारा दिया गया है जो कि मूलनाम तेजो महालय का अपभ्रंश है। विश्व में आजतक किसी कब्रिस्तान के साथ महल (पैलेस) शब्द नहीं जुड़ा है। ऐतिहासिक एवं लिखित प्रमाण है कि उक्त परिसर राजा जयसिंह की सम्पत्ति था। जिसे शाहजहां ने हथियाया।

  • शाहजहां की प्रेम कहानी कपोल कल्पित और रची गई लगती है, क्योंकि शाहजहां की कई पत्नियां थीं।
  • तथाकथित रानी मुमताज का असली नाम अर्जुमन्द बानो था।
  • कथित मुमताज यानी अर्जुमन्द बानो की मृत्यु बुरहानपुर में उक्त स्मारक निर्माण से लगभग 22 वर्ष पहले हुई।
  • वर्तमान में भी बुरहानपुर में अर्जुमन्द बानों का मकबरा मौजूद है।
  • इतने साल मुमताज का मृत शरीर कैसे सुरक्षित रहा? इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता है, स्वयं शाहजहां के बादशाह नामे में इस संन्दर्भ में विरोधाभासी कथन दर्ज है।
  • इतिहासकार टैवर्नियर, पीटर मुंडी, औरंगजेब के पत्र और इतिहासकार पीएन ओक के अनुसंधान उपरान्त यह सिद्ध होता है कि ‘ताज महल’ एक मन्दिर भवन है। जिसे अनाधिकृत रूप से हथियाकर जीर्णोद्धार द्वारा मुगल रूप देने का प्रयास किया है।
  • शाहजहां की प्रेम-कथा को पुख्ता करने के लिए समाज में इससे सम्बन्धित अन्य कहानियां भी रची गई थीं। जैसे शाहजहां ने Taj Mahal बनाने वाले कारीगरों के हाथ कटवा दिए, शाहजहां एक दूसरा काला Taj Mahal भी बनाना चाहता था आदि। सफेद झूठ सिद्ध हो चुकी हैं।

जानें, क्या कहते हैं मेयर और पार्षद

भाजपा पार्षद शोभाराम राठौर का कहना है कि Taj Mahal नगर निगम की सीमा में है। नगर निगम वहां सफाई कराता है। Taj Mahal में तमाम हिंदू धर्म से जुड़े चिह्न हैं। यह राजा जय सिंह की हवेली थी। शहर में सड़कों के नाम बदले हैं। तो ताजमहल का नाम क्यों नहीं बदला जा सकता है। इसीलिए नगर निगम सदन में यह प्रस्ताव लगाया है।

मेयर नवीन जैन ने बताया कि पार्षद शोभाराम राठौर ने Taj Mahal का नाम बदलकर तेजो महालय करने का प्रस्ताव लगाया है। प्रस्ताव सदन में पढ़ा भी जाएगा चर्चा होगी। यह नगर निगम के क्षेत्राधिकार का विषय नहीं लेकिन कानूनी पहलुओं पर विचार के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा भी जा सकता है।

यह भी पढ़ें – नौकरानी पर ज़ुल्म की इंतेहा, BJP नेता Seema Patra हुईं गिरफ़्तार

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है