सब्जियों के दामों पर पड़ा किसान आंदोलन का असर

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Amritsar

किसान आंदोलन का असर सब्जियों के दामों पर होता हुआ नजर आ रहा है। दिल्ली बॉर्डर सील होने की वजह से लोकल सब्जियां दिल्ली नहीं जा पा रही है। इसीलिए किसान को बहुत कम दाम में सब्जियां लोकल मंडियों में ही बेचनी पड़ रही है। जिसकी वजह से सब्जियों के दामों में काफी गिरावट आई है।

लॉकडाउन की वजह से बढ़े सब्जियों के दाम अब किसान आंदोलन की वजह से कम हो गए है। बता दें कि पहले किसान की सब्जी की लोकल मंडियों के अलावा दिल्ली मंडी में भी डिलीवरी होती थी ,लेकिन किसान आंदोलन के चलते दिल्ली बॉर्डर सील पड़ा है जिस वजह से किसान को अपनी सब्जी लोकल मंडियों में ही कम दामों में बेचनी पड़ रही है।
अंबाला की सब्जी मंडी में जब हमने दुकानदारों और अपनी सब्जी मंडी में बेचने आए किसानों से बात की तो उनका कहना था कि दिल्ली बॉर्डर सील होने के कारण बहुत सारी सब्जियां दिल्ली नहीं जा पा रही जिसकी वजह से लगभग सभी सब्जियों के दामों में गिरावट आई है। जिसका सीधा नुक्सान किसान को भुगतना पड़ रहा है और किसानों ने इसका जिम्मेदार सरकार को ठहराया है। किसानों की माने तो सबसे ज्यादा सस्ती गोभी की सब्जी हुई है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि 10 रूपये किलो बिकने वाली गोभी अब महज 2-3 रूपये किलो बिक रही है वहीं 70-80 बिकने वाला पियाज 20-25 किलो रूपये बिक रहा है , मटर जो पहले 70-80 रूपये किलो बिक रहा था वो आज 25 रुपए किलो बिक रहा है , 20 रूपये किलो बिकने वाली गाजर 5 रूपये किलो बिक रही है और 40-50 रूपये किलो बिकने वाला आलू आज 15-16 रूपये किलो बिक रहा है।
मज़बूरी में भले ही किसान लोकल मंडियों में अपनी सब्जियां सस्ते दामों पर बेच रहे है, लेकिन आम जनता का कहना है कि उन्हें सिर्फ गोभी ही सस्ते रेट पर मिल रही है बाकी सब्जियां अभी भी महंगी है। किसानों से सस्ते दामों में सब्जियां लेकर आगे महंगे दामों में बेची जा रही है।