हिंदी मीडियम होने की वजह से Sushmita Sen नहीं समझ सकीं थी मिस यूनिवर्स का सवाल

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इंसान की नियत अगर अच्छी है तो भगवान भी उसका साथ ज़रूर देता है। Bollywood एक्ट्रेस Sushmita Sen एक ऐसी शख़्सियत हैं, जिनसे शायद ही कोई प्रभावित नहीं होगा। पूरी दुनिया उनके ब्रेन और ब्यूटी को पहचान चुकी है। वह 1994 में पहली बार मिस यूनिवर्स का ताज भारत लेकर आई थीं।

Sushmita Sen अक्सर इस इवेंट को याद करके कुछ न कुछ ऐसा बताती हैं, जो लोगों को प्रेरणा देने वाला होता है। अब एक रीसेंट इंटरव्यू के दौरान Sushmita Sen ने बताया है कि जब वह मिस यूनिवर्स प्रतियोगित में गईं तो उनको ज्यादा इंग्लिश नहीं आती थी। उन्होंने हिंदी मीडियम से पढ़ाई की थी। Sushmita Sen उस वक्त 18 साल की थीं। हालांकि Sushmita Sen के आत्मविश्वास ने उनको हारने नहीं दिया।

Sushmita Sen ने 1994 में हुई मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता से नई डिटेल बताई है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें फाइनल सवाल ठीक से समझ में तक नहीं आया था। बेटी अलिसाह के स्कूल मैगजीन के दिए इंटरव्यू में उनसे पूछा गया, क्या इतने साल बाद वह उस सवाल का जवाब बदलना चाहेंगी? इस पर Sushmita Sen ने जवाब दिया, पता है जब मैं इसको पीछे मुड़कर देखती हूं तो पता है मुझे सवाल और जवाब के बारे में ये अच्छा लगता है कि उन्होंने मुझसे पूछा ही नहीं था कि एक महिला के क्या गुण होते हैं। उन्होंने पूछा था कि एक महिला का essence (सार) क्या है?

Sushmita Sen बताती हैं, मैं हिंदी मीडियम थी इसलिए मुझे उस वक्त इतनी इंग्लिश नहीं आती थी। मुझे समझ नहीं आया कि एसेंस का क्या मतलब है और मैंने इतनी अच्छी तरह और एक्सपीरिएंस के साथ जवाब दिया जो कि 18 साल में मेरे पास नहीं था। मुझे लगता है कि भगवान मेरी जुबान पर बैठ गए थे और बोले, चलो यही बुलवा देते हैं क्योंकि ऐसे ही तुम अपनी जिंदगी चुनोगी।

Sushmita Sen ने बताया, मैंने कहा था, महिला के रूप में पैदा होना ईश्वर का महान तोहफा है। मैं आज भी इस पर कायम हूं। इसमें कुछ भी नहीं बदला। महिला के रूप में पैदा होना ईश्वर का तोहफा है और हम सबको इसके लिए आभारी होना चाहिए। महिला सिर्फ वह गर्भ नहीं होती जिससे वह आई, इसलिए वह सिर्फ मां बनने के लिए पैदा नहीं हुई बल्कि वह इस दुनिया को यह दिखाने के लिए भी है कि प्यार करना, केयर करना और शेयर करना ही सब कुछ है। Sushmita Sen अपने जवाब की ज्यादातर लाइनों पर अभी भी क़ायम हैं।

Sushmita Sen ने उस वक्त जवाब दिया था, महिला होना ईश्वर का तोहफा है और इसके लिए हमें आभारी होना चाहिए। एक बच्चा मां से पैदा होता है जो कि औरत है। वह एक पुरुष को दिखाती है कि केयरिंग, शेयरिंग रौ लविंग होना क्या है। यही एक महिला होने का सार है। हालांकि अब वह हैरान हैं कि उस वक्त उन्होंने यह क्यों कहा कि पुरुष को दिखाती हैं।

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