संसद भवन के निर्माण का रास्ता साफ

दिल्ली में इंडिया गेट के पास नए संसद भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले में अपना फैसला सुना दिया है। दरअसल संसद परिसर निर्माण की वैधता के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गई थी। जिनको लेकर तीन सदस्यीय पीठ ने अपना फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जो पर्यावरण मंजूरी और भूमि उपयोग में परिवर्तन के लिए अधिसूचना जारी की गई है वो पूरी तरह से वैध है। बता दें कि जस्टिस खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने अपने फैसले में सेंट्रल विस्टा परियोजना के प्रस्तावक को निर्माण वाली सभी जगहों पर स्मॉग टॉवर लगाने के साथ एंटी स्मॉग गन का प्रयोग करने का आदेश दिया है…वहीं जस्टिस संजीव खन्ना ने परियोजना की मंजूरी पर तो सहमति जताई है लेकिन वो भूमि उपयोग में बदलाव को लेकर फैसले पर और पर्यावरणीय मंजूरी को लेकर सहमत नहीं दिखे

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दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी। शिलान्यास कार्यक्रम 10 दिसंबर को हुआ था। बता दें कि परियोजना की घोषणा सितंबर, 2020 में की गई थी। परियोजना के मुताबिक संसद भवन में 900 से 1200 सांसद बैठ सकेंगे। संसद भवन के निर्माण की डेडलाइन अगस्त 2022 तय की गई है|

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