मालिक के घर में कितना भी रह लें, उस पर नहीं होगा आपका अधिकार: Supreme court

0
79

गरीब आदमी अपने घर में रहता है और उसके बाद उसकी प्रॉपर्टी उसकी संतान को मिल जाती है लेकिन पैसेवालों की कहानी थोड़ी अलग होती है। अमीर लोगों की कई शहरों में प्रॉपर्टी होती है जिसको संभालने के लिए वो नौकर या केयरटेकर को रखते हैं। ऐसे में वो केयरटेकर उस संपत्ति पर अपना अधिकार दिखाने लगते हैं। ऐसे में Supreme court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि नौकर या केयरटेकर संपत्ति में कभी भी कोई अधिकार नहीं ले सकते चाहे वह उसमें लंबे समय से क्यों न रह रहे हों।

यह कहते हुए Supreme court ने सत्र न्यायालय और Calcutta High Court के फैसलों को निरस्त कर दिया, जिसमें संपत्ति पर नौकर के दावे को स्वीकार कर लिया गया था। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और ए.एस. ओका की पीठ ने यह फैसला देते हुए नौकर को आदेश दिया कि वह संपत्ति को तीन माह के अंदर खाली कर उसका कब्जा मालिक को सौंप दे। Court ने कहा कि यदि वह कब्जा नहीं देता तो उस पर कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी।

जानें, पूरा मामला

ये मामला तब शुरू हुआ जब मालिक ने लंबे समय से संपत्ति की देखभाल के लिए रह रहे व्यक्ति से कब्जा लेने का प्रयास किया। नौकर ने कहा कि वह इस संपत्ति पर लंबे समय से रह रहा है इसलिए यह उसकी संपत्ति हो गई। इसके लिए उसे दीवानी Court में मुकदमा दायर किया और कहा कि उसे संपत्ति का शांतिपूर्ण कब्जा बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया जाए तथा मलिक को हस्तक्षेप से रोका जाए।

Court ने इसके साथ ही मालिक की सीपीसी के आदेश 7 और नियम 11 की अर्जी स्वीकार कर ली और कहा कि नौकर का संपत्ति में कोई हक अर्जित नहीं होता। Court ने कहा कि नौकर या केयरटेकर प्रतिगामी कब्जे (एडवर्स पजेशन) का दावा भी नहीं कर सकता क्योंकि वह संपत्ति पर मालिक द्वारा देखभाल के वास्ते रखा गया है जिसका वह कोई किराया या अन्य कोई राजस्व नहीं दे रहा था।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है