हम बात कर रहे हैं स्वामी ओमानंद जी की जिसने इस धरा पर सबसे चमत्कारिक कुंड का ऐसा निर्माण किया कि जो आज लोगों के लिए हितकारी बना हुआ है।

नई दिल्ली:  वैसे तो सभी जानते है कि किसी भी मर्ज में दवा के साथ दूआ भी काम आती है, लेकिन कुछ मर्जो में न दूआ काम और नहीं दवा। ऐसे में चलिए आपको लेकर चलते है। ब्रह्मांड के सबसे अद्दभूत अविस्वसनीय, अकल्पनीय स्थान पर जहां का जल, जहां का थल अपने आप में पावन है।

स्वामी ओमानंद जी की जिसने इस धरा पर सबसे चमत्कारिक कुंड का
स्वामी ओमानंद जी

जी हां हम बात कर रहे हैं नेपाल नरेश के पुत्र स्वामी ओमानंद जी की जिसने इस धरा पर सबसे चमत्कारिक कुंड का ऐसा निर्माण किया कि जो आज लोगों के लिए हितकारी बना हुआ है। भारत में वो कुंड कहा पर है इसकी जानकारी आगे देंगे लेकिन उससे पहले कुंड रूपी जल के प्रभाव को समझ लीजिए।

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जल की खास बातें

1      अगर किसी को चेचक

2      बुखार

3      नजला

4      माइग्रेन

5      सर में दर्द

6     मस्तिष्क ज्वर जैसी बीमारियां है… तो ये जल उनके लिए बेहद लाभकारी है… लोगों के मुताबिक इस जल के सेवन से न सिर्फ बिमारी बल्कि तमाम सारी ऐसी समस्याओं का समाधान होता है जो उनके लिए कष्टदायक है इस कुंड की कहानी और जल की सच्चाई क्या है इसको और विस्तार से समझने लिए आप चाहे तो इस स्थान पर जा भी सकते हैं।

स्वामी ओमानंद जी की जिसने इस धरा पर सबसे चमत्कारिक कुंड का

काशी और प्रयाग के बीच बसे इस अनोखी धरोहर को सजोंने के लिए कंतित स्टेट की राजधानी यानि की विजयपुरवासी दिन रात यहा पर आते जात रहेते हैं। प्रकृति की गोद में बसा ये दिव्य स्थान यूपी की राजधानी लखनऊ से करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर मिर्जापुर में स्थित है। फिलहाल इस कुंड की देखभाल श्रीमती शांति देवी का परिवार कर रहा है।

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