यह घटना देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद जेल के अंदर की है। घटना दिल्ली की मंडोली जेल नंबर 13 में घटी।

भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के डेरे पर किया था सर्जिकल स्ट्राइक लेकिन भारत की जिस जेल में खूंखार बदमाश डर से खामोशी साध लेते हैं उसी जेल में बैखौफ एक चूहा सर्जिकल स्ट्राइक की फिराक में था।

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जानकर हैरान हो जाएंगे कि यह घटना देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद जेल के अंदर की है। घटना दिल्ली की मंडोली जेल नंबर 13 में घटी। एक कैदी कोर्ट में पेशी के बाद वापस जेल लाया गया। वैन से उतरने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में जेल के भीतर ले जाया गया। उसकी तलाशी ली गई लेकिन उसके पास से कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके बाद जैसे ही सुरक्षा कर्मी कैदी को ‘सुरक्षा-पोल’ के पास लेकर पहुंचे, उनकी आंखें फटी-की-फटी रह गई।

बदमाश डर से खामोशी साध लेते हैं उसी जेल में बैखौफ एक चूहा सर्जिकल स्ट्राइक की फिराक में था।

अचानक सुरक्षा-पोल से अलर्ट करने वाली आवाज आने लगी। कैदी के पास तलाशी के दौरान कुछ भी नहीं मिला था इसलिए हैरान-परेशान जेल सुरक्षाकर्मियों को खुद पर संदेह हुआ। तो पहले सुरक्षाकर्मियों ने खुद को तलाशा लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद फिर एक बार नबंर आया कैदी का। लिहाजा कैदी की एक बार फिर तलाशी ली गई लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।

लेकिन ‘अलर्ट-अलार्म’ शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। जैसे ही आरोपी को सुरक्षा-पोल के पास ले जाया जाए अलार्म बजना शुरु हो जाए। कई घंटे मशक्कत के बाद भी ‘सुरक्षा-पोल’ शांत नहीं हुआ, तो जेल सुरक्षाकर्मियों की बैचेनी बढ़ गई। आनन-फानन में जेल के अधिकारियों को पूरा वाकया बताया गया। मौके पर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। शक हुआ कि कैदी के शरीर के अंदर कोई चीज जरूर छिपी है, जो बाहर से पकड़ में नहीं आ रही है। इसके बाद संदिग्ध को तुरंत कड़ी सुरक्षा में दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया।

बदमाश डर से खामोशी साध लेते हैं उसी जेल में बैखौफ एक चूहा सर्जिकल स्ट्राइक की फिराक में था।

डॉक्टरों की टीम को देखकर और ऑपरेशन की बात सुन कैदी डर गया और सारा राज खोल दिया। कैदी ने बताया, ‘उसके पेट में डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जाने वाला ‘सर्जिकल-ब्लेड’ मौजूद है। उसने पहले ब्लेड के ऊपर डॉक्टर टेप लगाई। उसके बाद उसे पानी से निगल लिया।’ जेल के भीतर ब्लेड का आरोपी को क्या नाजायज इस्तेमाल करना था? इसका फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है।

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अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर हमने इसे चूहे का सर्जिकल स्ट्राइक क्यों कहा? दरसल कैदी का उपनाम ‘चूहा’ है। उसका असली नाम सुनील है। वह पूर्वी दिल्ली जिले के त्रिलोकपुरी इलाके का रहने वाला है। उसके खिलाफ दिल्ली के थानों में लूट और चोरी के मामले विचाराधीन हैं।’