सरकार किसानों के मुद्दे को सुलझाने की मंशा ही नहीं रखती: Sharad Pawar

कई महीनों बाद भी किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने डटे हुए हैं लेकिन सरकार अपना रुख़ नरम करने का सोच भी नहीं रही है। किसान आंदोलन पर केंद्र सरकार के असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए एनसीपी प्रमुख Sharad Pawar ने गुरुवार को कहा कि अगर किसानों ने प्रदर्शन का शांतिपूर्ण रास्ता छोड़ दिया, तो देश में बड़ा संकट पैदा हो जाएगा और भाजपा सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।

Former Union Minister of Agriculture ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के मुद्दे को सुलझाने के प्रति इच्छुक ही नहीं है। Sharad Pawar ने कहा, ”वे समस्या को सुलझाना ही नहीं चाहते। मैं चिंतित हूं कि आज जो किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, अगर वे दूसरे रास्ते पर जाते हैं, तो यह एक बड़ा संकट बन जाएगा और BJP Government को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।” बैरिकेड और कंटीले तार लगाने तथा सड़कों पर कीलें ठोंके जाने को लेकर उन्होंने सरकार की आलोचना की और दावा किया कि ऐसा तो अंग्रेजों के शासन के दौरान भी नहीं हुआ था।

Sharad Pawar ने 10 विपक्षी दलों के सांसदों को गाजीपुर में प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने की इजाजत न हीं देने को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, ”वे (विपक्षी सांसद) महज किसानों का हालचाल जानने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से वहां गये थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया। यदि लोकतंत्र में ऐसा होगा तो सरकार को आज या कल इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” सरकार कब तक किसानों की बात सुनेगी या ऐसे ही उन्हें नज़रअंदाज़ करेगी ये कह पाना फ़िलहाल मुश्किल है।

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