रेप केस में राहत के लिए Shahnawaz Hussain पहुंचे Supreme Court

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भाजपा के सीनियर नेता Shahnawaz Hussain इन दिनों परेशानी में घिरे हैं। रेप के मामले में FIR से बचने के लिए Shahnawaz Hussain ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार(17 अगस्त) को उनके खिलाफ रेप केस में FIR दर्ज करने का आदेश दिया था और तीन महीने में जांच पूरी करने की समय सीमा भी तय की थी। उस आदेश पर रोक की मांग को लेकर ही अब Shahnawaz Hussain शीर्ष अदालत पहुंच गए हैं।

2018 के रेप मामले में हाई कोर्ट का आदेश Shahnawaz Hussain के लिए करारा झटका माना जा रहा है। Shahnawaz Hussain के वकील ने उनकी अर्जी को चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया है। Shahnawaz Hussain के वकील ने कहा कि इस मामले की तत्काल सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि देरी होने पर एक राजनीतिक नेता की छवि खराब हो सकती है।

चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि अगले सप्ताह इस मामले की सुनवाई की जाएगी। Shahnawaz Hussain के वकील ने शीर्ष अदालत में कहा, ‘मेरे मुवक्किल का 30 सालों का सार्वजनिक जीवन है। उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है। यदि इस पर तत्काल सुनवाई नहीं होगी तो पुलिस FIR दर्ज कर लेगी और ऐसी स्थिति में इस अर्जी का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।’ बता दें कि बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें Shahnawaz Hussain के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया गया था।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि Shahnawaz Hussain की याचिका की कोई मेरिट नहीं है। इसलिए उसे खारिज किया जाता है। अदालत ने कहा था कि इस मामले में FIR दर्ज की जाए और तीन महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपी जाए कि कितनी जांच हुई है और क्या पाया गया है। जस्टिस आशा मेनन की बेंच ने अपने आदेश में कहा, ‘मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से FIR का जो आदेश दिया गया है, उसमें कोई खामी नहीं पाई गई है।’ अदालत का कहना था कि पुलिस इस केस में FIR दर्ज करे और फिर सीआरपीसी के सेक्शन 173 के तहत वह रिपोर्ट जमा कराए।

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