आज कल हर इंसान अंतरिक्ष पर जाने के ख़्वाब देख रहा है लेकिन वो ये नहीं जानता कि अंतरिक्ष पर रहना आपके लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है।

दुनिया भर की Space Agencies मंगल पर जीवन बसाने को लेकर तैयारियां कर रही हैं। कई Space Agencies ने तो मानव अभियान भेजने की भी तैयारियां कर ली हैं। बता दें कि अंतरिक्ष पर मानव के रहने के दौरान आने वाली कठिनाई पर भी शोध जारी है। इसी बीच एक शोध में खुलासा हुआ है कि अंतरिक्ष पर लंबे समय तक रहना दिल के लिए घातक हो सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इंसानों का Heart सिकुड़ सकता है।

एक अध्ययन में पाया गया कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने से इंसान के दिल की संरचना में बदलाव आ सकता है। इससे दिल की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए तैरने और लंबी अंतरिक्ष यात्राओं में दिल पर पड़ने वाले प्रभावों की तुलना की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि क्या कम तीव्रता और लंबे समय तक Exercise बार-बार होने वाली भारहीनता के असर को कम कर सकते हैं या नहीं।’

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Dallas university of texas के South Western Medical Center में इंटरनल मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. बेनजमिन नेवाइन ने जानकारी देते हुए बताया कि दरअसल, पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण (Gravity) से दिल को उसके आकार में बने रहने और उसकी क्रियात्मकता कायम रखने में मदद मिलती है, क्योंकि इससे वह लगातार नसों के जरिए खून पंप करता है। वहीं मंगल पर गुरुत्व जब भारहीनता से बदल दिया जाता है, तब प्रतिक्रिया स्वरूप Heart सिकुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि शोध के परिणामों से साफ है कि अंतरिक्ष में लंबा प्रवास Heart की सेहत के लिए ठीक नहीं है।

लंबे समय तक अंतरिक्ष में प्रवास के प्रभावों का आकलन करने के लिए शोधकर्ताओं ने Astronaut scott kelly के एक साल तक अंतरिक्ष में रहने और Athlete Benoit LeComte के लंबी तैराकी के प्रभावों की तुलना की। Dallas University के South Western Medical Center में इंटरनल मेडिसिन के Professor Doctor Benjamin Levine ने कहा कि कैली ने एक साल अंतरिक्ष में गुजारा। जांच में पता चला कि उनका दिल सिकुड़ गया था, जबकि उन्होंने हफ्ते में छह दिन काम भी किया।

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