इस वक्त भारत की और इस बात को लेकर टिकी है कि अगर भारत के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 को लेकर सफलता प्राप्त कर ली तो उनके लिए भी एक दिर्घकालीन विषय हो जाएगा

नई दिल्ली: अब से बस कुछ ही घंटों में दुनिया भारत की ताकत  देखेगी जब भारत का मिशन चंद्रयान 2, चंद्रमा  की सतह पर लैंड करेगा। देखा जाये तो लम्बे समय बाद अब चंद्रयान अपने मिशन को पूरा करेगा। गौरतलब है कि दो दिन से चंद्रमा के चारों ओर 35 किमी की ऊंचाई पर मंडरा रहा भारत का चंद्रयान-2 छह और सात सितंबर की दरमियानी रात चंद्रमा की सतह पर कदम रख कर भारत का नाम रौशन करेगा।

978 करोड़ लागत वाले इस मिशन पर हिंदुस्तान सहित पूरी दुनिया की निगाह है। आपको बता दें कि 1471 किलो के लैंडर ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग सफल रही तो भारत ऐसा करने वाले दुनिया के चार देशों में शामिल हो जाएगा। चंद्रमा पर अब तक अमेरिका, चीन, और रूस ही अपने यान उतार पाएं हैं।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष एएस किरण कुमार के मुताबिक सॉफ्ट लैंडिंग मिशन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। जाहिर है कि चंद्रयान-1 मिशन के निदेशक रहे ए अन्नादुरई ने कहा कहा था कि इसरो के पास 40 से अधिक जियोसिंक्रोनस इक्वेटेरियल ऑर्बिट (जीओ) मिशन संभालने का अनुभव है। लिहाजा सॉफ्ट लैंडिंग सफल होने की पूरी संभावना है।

कुल मिलाकार पुरी दुनिया की निगाहे इस वक्त भारत की और इस बात को लेकर टिकी है कि अगर भारत के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 को लेकर सफलता प्राप्त कर ली तो उनके लिए भी एक दिर्घकालीन विषय हो जाएगा जिसमें ये बात साफ तौर कहा जा सकेगा कि अब भारत किसी भी क्षेत्र में कुछ भी कर सकता है।