सेनाएं हमेशा गर्मी हो बरसात हो या कड़ाके की ठंड हर मौसम और हर जमीनी हालात में जंग के लिए तैयार रहती है । भारतीय सेना को भी पहाड़ो से लेकर मैदानों और बर्फिली चोटियों से लेकर जंगलों तक में जंग लड़ने की ट्रेनिंग दी जाती है । सेना जब किसी जगह पर अपना कब्जा बना लेती है तो दुश्मनों के उस जगह को लगातार निशाना बनाने की कोशिशें होती रहती हैं । दुश्मन हमेश सेना के जवानों को दुर से निशाना बनाती है इससे बचने के लिए सेना निगहबानी के लिए बंकरों का इस्तेमाल करती है । लेकिन दुश्मनों को जवाबी कार्रवाई के लिए इन्हीं बंकरों का इस्तेमाल करती है । इन बंकरों में खासतौर पर ट्रेन किए गए स्नाईपर्स दुश्मनों पर पैनी निगाह रखते हैं और मौका मिलते ही दुश्मनों को ढेर कर देते हैं ।

इन स्नाईपर्स को दूर तक निशाना लगाने की खास ट्रेनिंग दी जाती है साथ ही खास रायफल भी इनके पास होती हैं । । पाकिस्तान खास तौर पर जम्मू-कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में इस तरह की हरकत करती है । ऐसे में काम आते हैं सेना के ये छिपे हुए शिकारी स्नाईपर्स । भारतीय सेना चार बार युद्ध लड़ चुकी है जबकि पाकिस्तान बिना उकसावे के भारतीय क्षेत्र में अक्सर सीजफायर उलंघन करती रहती है । ऐसे में स्नाईपर्स का रोल काफी अहम हो जाता है । पहले 303 रायफल का इस्तेमाल करते थे लेकिन अब आधुनिक IM 15 सुपर स्नाईपर्स गन्स का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसकी मारक क्षमता 3 मील तक होती है।

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