Raksha Bandhan 2022: जानें, भद्राकाल में क्यों नहीं बांधते Rakhi

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त्यौहार तो सभी ख़ास होते हैं लेकिन कुछ टाइम ऐसा होता है जिसमें शुभ काम नहीं किया जाता है। सावन में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार Raksha Bandhan मनाया जाता है। सावन मास की पूर्णिमा को Raksha Bandhan मनाते हैं। कई ग्रहों के प्रभाव से भाई-बहन के प्यार वाले त्योहार पर बुरी नजर पड़ती है। जिनमें से एक भद्रा भी है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भद्रा काल को अशुभ मुहूर्त में गिना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है।

जानें, भद्राकाल में क्यों नहीं बांधते Rakhi

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भद्राकाल में Rakhi बांधना अशुभ होता है। दरअसल शास्त्रों में राहुकाल और भद्रा के समय शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार भद्रा में Rakhi न बंधवाने के पीछे कारण है कि लंकापति रावण ने अपनी बहन से भद्रा में Rakhi बंधवाई और एक साल के अंदर उसका विनाश हो गया। इसलिए इस समय को छोड़कर ही बहनें अपने भाई के Rakhi बांधती हैं। वहीं यह भी कहा जाता है कि भद्रा शनि महाराज की बहन है। उन्हें ब्रह्माजी जी ने शाप दिया था कि जो भी व्यक्ति भद्रा में शुभ काम करेगा, उसका परिणाम अशुभ ही होगा। इसके अलावा राहुकाल में भी Rakhi नहीं बांधी जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, Raksha Bandhan का त्यौहार हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

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