21वीं सदी के Icon Award के लिए चुना गया Rakesh Tikait का नाम

0
322

जिस इंसान को कभी डकैत कहा जा रहा था उसे आज इज़्ज़त के साथ Rakesh Tikait के नाम से पुकारा जा रहा है। किसान आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rakesh Tikait का नाम लंदन की स्क्वायर वाटरमेलन कंपनी द्वारा सालाना दिए जाने वाले ’21st Century Icon Award’ के लिए अंतिम सूची में शामिल किया गया है।

Rakesh Tikait ने बताया कि मैं पुरस्कार लेने के लिए लंदन नहीं जा रहा हूं, क्योंकि मैं प्रदर्शन में व्यस्त हूं। उन्होंने कहा कि वह तब पुरस्कार स्वीकार करेंगे जब किसानों की मांगों को मान लिया जाएगा। बता दें कि बीकेयू उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष राजबीर सिंह ने बताया कि पुरस्कार 10 दिसंबर को दिया जाएगा। किसान आंदोलन के करीब एक साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी। हालांकि किसान आंदोलन अब भी समाप्त नहीं हुआ है। Rakesh Tikait और प्रदर्शनकारी किसान आंदोलन के दौरान मारे गए 700 से अधिक किसानों के परिवारों को मुआवजा देने तथा फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

केन्द्र सरकार बीते सितम्बर महीने में पारित किए तीन नए कृषि कानूनों- द प्रोड्यूसर्स ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2020, द फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज एक्ट, 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (एमेंडमेंट) एक्ट, 2020 को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही थी, लेकिन प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई थी कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।

यह भी पढ़ें – Gurugram में जुमे की Namaz का विरोध, नमाज़ियों के सामने लगाए गए जय श्रीराम के नारे

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है