कोरोना के नाम पे हो रही  है लूट

करोना के लगातार बढ़ते मामले और निजी अस्पतालों (प्राइवेट हॉस्पिटल) की मरीजों के साथ इलाज के नाम पर हो रही लूट की शिकायतों के बाद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में निजी चिकित्सा संस्थानों और लैबों में कोविड-19 की जांच की निर्धारित दरें कम की गयी है। अब यह जांच 1200 रुपए में हो सकेगी।राजस्थान सरकार की मानें तो पिछले कुछ वक्त में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट,  रिएजेन्टस, वीटीएम किट जैसे सभी कीटो के दाम घटा दिये है ..मानसिंह मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डाक्टर  का कहना है काफी सोच विचार  करने के बाद  ये फैसला लिया गया है । इस आदेश के अनुसार आमजन को कम कीमतों पर सहज  आसानी होगी.

कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने…

गौरतलब है कि बढ़ते संक्रमण के बीच देश के 3 राज्यों में कोविड-19 आरटी-पीसीआर जांच की रेट में 20 से 30 फीसदी की कटौती की है। प्राइवेट लैब में टेस्ट कराने पर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में जहां 1600 से 1900 रुपये और कर्नाटक में जहां 1500 रुपये लिए जा रहे हैं वहीं राजस्थान में इस आदेश से पहले 2200 रुपये तक वसूले जा रहे थे। हालांकि राजस्थान में सबसे पहले में पहले 4500 रुपये में यह जांच होती थी जिसे बाद में 2200 रुपये कर दिया गया।3 मार्च को जब  राजस्थान में उत्तर भारत का पहला कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आया था उस वक्त राजस्थान में एक भी कोरोनावायरस टेस्ट करने की क्षमता नहीं थी लेकिन अब हर रोज 50,000 से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं। प्रदेश में अभी 27 सरकार में 15 प्राइवेट लैब में कोविड-19 आरटी-पीसीआर जांच हो रही है जबकि सरकारी लैब में जांच निशुल्क की जा रही है ।आंकड़े ये भी बताते हैं कि कुल हो रही जांचों में से 40 से 45 फीसदी जांच भी प्राइवेट लैब में ही मरीज करवा रहे हैं। ऐसे में यह लोग मरीजों से अधिक दाम ना वसूल सकें इसलिए सरकार ने ये निर्देश जारी किया

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