बैंक कर्मचारियों की हड़ताल पर Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

Bank Strike की वजह से आम आदमी को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi ने कई Public Banks के कर्मचारियों की Strike को लेकर 16 मार्च को सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि Public Area के बैंकों को ‘सांठगांठ वाले पूंजीपतियों (क्रोनी) के हाथों में बेचना देश की Financial Security के साथ समझौता होगा। उन्होंने Strike करने वाले Bank Employees के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए यह दावा भी किया कि सरकार ‘लाभ का निजीकरण और ‘नुकसान का राष्ट्रीयकरण कर रही है।

Strike के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में Cash withdrawal, Deposit, Check Clearing और कारोबारी लेनदेन प्रभावित हुआ। 9 यूनियनों के संगठन United forum of bank Unions (यूएफबीयू) ने 15 और 16 मार्च को Strike का आह्वान किया है। यूनियन का दावा है कि करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी Strike में शामिल हैं।

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कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, ‘केंद्र सरकार लाभ का निजीकरण और नुकसान का राष्ट्रीयकरण कर रही है। सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को क्रोनी के हाथों में बेचना भारत की वित्तीय सुरक्षा के साथ समझौता होगा। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र के दो और बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में सरकारी बैंकों की हड़ताल के पहले दिन बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुये।

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