जिंदगी की जंग हार गया प्रहलाद, 90 घंटे चला राहत-बचाव कार्य

0
789
prahlad did not survive borewell after 90 hours

निवाड़ी: मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में बोरवेल के गडढे में गिरे चार साल का प्रहलाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। लगभग 90 घंटे राहत और बचाव कार्य चला, मगर उसे बचाया नहीं जा सका। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रहलाद के निधन पर शोक जताया है। निवाड़ी जिले के सेतपुरा में खेत में बने बोरवेल के पास खेलते समय चार साल का प्रहलाद बुधवार की सुबह उसमें गिर गया था। वह लगभग 60 फुट की गहराई पर फंसा हुआ था।

बीते तीन दिन राहत और बचाव कार्य चला। इस अभियान में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस व होमगार्ड के जवान लगे हुए थे। लगभग 90 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद प्रहलाद को रात लगभग तीन बजे निकाला गया। उसे निवाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मुख्यमंत्री चौहान ने प्रहलाद के निधन पर शोक जताते हुए कहा, प्रहलाद को 90 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी बचा नहीं पाए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने दिन-रात मेहनत की लेकिन अंत में आज सुबह तीन बजे बेटे का मृत शरीर निकाला गया। दु:ख की इस घड़ी में, मैं एवं पूरा प्रदेश प्रहलाद के परिवार के साथ खड़ा है और मासूम बेटे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार द्वारा प्रहलाद के परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिया जा रहा है, एवं उनके खेत में एक नया बोरवेल भी बनाया जाएगा।

ज्ञात हो कि निवाड़ी जिले के सेतपुरा गांव में हरिकिशन का चार साल का बेटा प्रहलाद बुधवार की सुबह खेत में खोदे गए दो सौ फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था, उसके बाद से ही बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा था। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और अन्य राहत व बचाव दल ने बोरवेल के समानांतर 60 फुट से गहरा गडढा खोदा और साथ ही सुरंग बनाई। सुरंग लगभग 22 फुट लंबी बनाई गई और रविवार को तड़के उसे निकाल लिया गया।