लॉकडाउन के डेढ़ महीने बाद भी अपने घरों तक पहुंचने की जद्दोजहद करते गरीब मजदूर

लॉकडाउन होने की बजह से अधिकत्तर लोग बेरोजगार हो गए और अब अपने-अपने घरों की ओर पलायन करने को मजबूर है।

कोरोना महामारी के चलते पूरे देश मे लॉकडाउन लागू हुए डेढ़ महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है। लॉकडाउन के चलते लोगों का रोजगार छिन जाने के कारण लोग अपने घरों की ओर पलायन कर रहे है। जिसको जो साधन मिल रहा है वह उसी साधन से अपने गृह नगर की तरफ चल दिया। लेकिन प्रदेश की सीमाओं पर इनको रोक दिया जाता है। ऐसे ही हजारों की तादाद में लोगों को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर रोक दिया गया और इनके खाने-पीने की व्यवस्था का कोई इंतजाम न होने से महिलाये-बच्चे भूख से बेहाल है।

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लॉकडाउन होने की बजह से अधिकत्तर लोग बेरोजगार हो गए और अब अपने-अपने घरों की ओर पलायन करने को मजबूर है। जिसको जो साधन मिल रहा है उसी से आगे का सफर तय करने को मजबूर हैं। यदि कोई साधन नही मिला तो लोग परिवार सहित पैदल ही अपने घरों की ओर रवाना हो रहे है। जिसमें अधिकतर महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा राज्यों से हजारों की संख्या में मजदूर अब अपने घरों की ओर लौट रहे है। महाराष्ट्र से कई श्रमिक मध्यप्रदेश से होकर उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले और उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बॉर्डर पर हजारों की तादाद में श्रमिको को रोक लिया गया जिसमें बच्चे, महिलाये भी शामिल है और तेज धूप में खाने की व्यवस्था तो दूर की बात है। इनके पीने के पानी की भी कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई। जिससे महिलाओं और बच्चो का हाल बेहाल है। जबकि सरकार द्वारा इनके खाने-पीने और रहने के इंतजाम के लिए जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए। लेकिन यह सब बेमतलब साबित हो रहे है।

लॉकडाउन के डेढ़ महीने बाद भी अपने घरों तक पहुंचने की जद्दोजहद करते गरीब मजदूर

इस मामले का के बारे में जब पता लगा तो एबी स्टार कि टीम ने इस लोगों से बात कि, तो राविया नाम की  महिला ने बताया कि महाराष्ट्र से चले चार दिन हो गए यहां पर आकर रोक दिया गया है यहां पर खाना तो दूर पानी तक कि कोई व्यवस्था नहीं है बच्चे रो रहे है कुछ है भी नहीं हमारे पास क्या खिलाए। वहीं गर्भवती महिला रानी कहती है कि हम लोग ट्रक से महाराष्ट्र से निकले थे रात में हम लोगों को यहां पर रोक लिया गया है और जाने नहीं दे रहे यहां पर खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।

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वहीं अपर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार अपनी गाड़ी से लगातार माइक द्वारा लोगों को समझाने में लगे हुए है पुलिस कर्मियों से भी लगातार कह रहे है कि बिना पास के कोई गाड़ी न जाने दे और लोगों से धैर्य बनाने की अपील की है।

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