कांग्रेस में फूट की राजनीति शुरू हो गई है. पार्टी को अध्यक्ष पद के लिए कोई नया चेहरा नहीं मिल पा रहा है. या यूं कहे कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए किसी नए चेहरे की तलाश में ही नहीं है. फिलहाल इसका जवाब पार्टी में किसी के पास भी नहीं है. जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी की वर्तमान अध्यक्ष सोनिया गांधी चाहती हैं कि राहुल गांधी को पार्टी के नए अधय्क्ष के रूप में चुना जाए. लेकिन कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी की अध्यक्षता में पार्टी को ज्यादा फायदा होता नहीं दिखा. इसलिए पार्टी को इस बार गांधी परिवार को छोड़ कोई और विकल्प चुनना चाहिए

इसी सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के कुछ नेताओं के साथ मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद रहे. इसमें पार्टी नेताओं की शिकायतें, आगामी चुनावों की रणनीति और पार्टी अध्यक्ष पर चर्चा की गई. माना जा रहा है कि एक हफ्ते तक बैठकों का दौर चलेगा.

शनिवार को बैठक में हिस्सा लेने के लिए राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और अंबिका सोनी 10 जनपथ पहुंचे. इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी के 99.9% नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी ही फिर से अध्यक्ष पद संभालें

बता दें कि कुछ महीने पहले पार्टी के 23 नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्‌ठी भी लिखी थी. इनमें पार्टी के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल के साथ गुलाम नबी आजाद भी शामिल थे. चिट्ठी में पार्टी में ऊपर से नीचे तक बदलाव करने की मांग की गई थी. लेकिन कांग्रेस वर्किग कमेटी (CWC) की बैठक में चिट्ठी लिखने वाले नेताओं की भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाने से दोनों नेताओं में नाराजगी देखी गई. बिहार चुनाव में हार के बाद कपिल सिब्बल ने तो यहां तक कह दिया कि पार्टी ने शायद हर चुनाव में हार को ही नियति मान लिया है. इसे पार्टी के टॉप लीडरशिप यानी सोनिया और राहुल गांधी पर निशाना माना गया था

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है