पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर लोगो में गुस्सा, कहा कोरोना से बड़ी बिमारी आक्रामक राष्ट्रवाद

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नई दिल्ली: एक बार फिर पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी खबरों में आ गये हैं, इस बार भी हामिद अंसारी अपने बयानों के कारण खबरों में हैं। दरअसल, पूर्व उप-राष्ट्रपति ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की नई किताब ‘द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग’ के डिजिटल विमोचन पर अंसारी ने कहा कि “कोरोना एक बहुत ही बुरी महामारी है, लेकिन इससे पहले ही हमारा समाज दो महामारियों- धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद का शिकार हो गया था।

जिसके बाद से सोशल मीडिया पर हामिद अंसारी की आलोचना हो रही है। आपको बता दें कि अंसारी ने आगे कहा कि धार्मिक कट्टरता और उग्र राष्ट्रवाद के मुकाबले देशप्रेम ज्यादा सकारात्मक अवधारणा है। हामिद अंसरी ने ऐसा बयान पहली बार नहीं दिया है, बल्कि इससे पहले भी कई बार विवादित बयान देकर विवादो में रहें हैं।

आज से करीब तीन साल पहले सर्वोच्च न्यायालय ने हर फिल्‍म से पहले राष्‍ट्रगान अनिवार्य किया था और मद्रास हाई कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर फैसला दिया था। इसके बाद अंसारी ने एक विवादित बयान दिया था, जिसके बाद अंसारी के बयान पर विवाद हुआ था। अंसारी ने कहा था, ‘अदालतें समाज का हिस्‍सा हैं। तो अदालतें जो कहती हैं वह कई बार समाज के माहौल का प्रतिबिंब होता है। मैं इसे असुरक्षा की भावना कहूंगा… दिन-रात अपना राष्‍ट्रवाद दिखाने की बात फिजूल है… मैं एक भारतीय हूं और इतना काफी है।’ यह बात उन्‍होंने बतौर उप राष्‍ट्रपति आखिरी दिन कही थी।

2018 में अंसारी ने शरिया अदालतों के पक्ष में बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया था। उन्‍होंने कहा था, “लोग सामाजिक प्रथाओं को कानून व्‍यवस्था से कन्‍फ्यूज कर रहे हैं। हमारे कानून में है कि हर समुदाय के अपने नियम हो सकते हैं। भारत में पर्सनल लॉ शादी, तलाक, गोद लेने और उत्‍तराधिकार पर लागू होता है। हर समुदाय को अपने निजी कानून चलाने का अधिकार है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा है। 2015 में पहले योग दिवस पर 190 से ज्‍यादा देशों में यह कार्यक्रम हुआ था। भारत में राजपथ पर कार्यक्रम हुआ। राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मोदी समेत सभी केंद्रीय मंत्री इसमें शरीक हुए लेकिन अंसारी ने हिस्‍सा नहीं लिया।

साल 2015 के गणतंत्र दिवस समारोह में अंसारी के राष्‍ट्रध्‍वज फहराने और राष्‍ट्रगान गाने के दौरान सैल्‍यूट न करने पर खूब विवाद हुआ था। तत्‍कालीन अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा मुख्‍य अतिथि थे। प्रोटोकॉल के तहत केवल राष्‍ट्रपति को ही सैल्‍यूट करने की जरूरत होती है लेकिन मोदी और तत्‍कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सैल्‍यूट करते दिख रहे थे।