उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रतापगढ़ में बीजेपी के विधायक Dheeraj Ojha बुधवार को डीएम (DM) आवास के सामने धरने पर बैठ गए। विधायक (MLA) का आरोप था कि Panchayat Election लड़ने का इच्छुक एक शख्स को पांच महीने से मतदाता सूची में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कई और शिकायतें हैं, जिन पर Administration कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, इसलिए वह धरने पर बैठे हैं।

BJP MLA अपने समर्थकों (Supporters) के साथ धरने पर बैठे ही थे कि मौके पर DM और SP चुनाव दौरे से वापस आ गए। इसके बाद MLA दफ्तर से बाहर निकले और अचानक जमीन में लेट कर विरोध Protest करने लगे। इस दौरान विधायक ने SP द्वारा गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। डीएम के कार्यालय से विधायक फटे कपड़े में बाहर निकले। इसके बाद विधायक (MLA) को डीएम ने खुद अपने पास बुलाया और बंद कमरे में विधायक और अफसरों (Officers) के बीच बातचीत शुरू हो गई।

इससे पहले विधायक धीरज ओझा (Dheeraj Ojha) ने बताया कि मैं DM आवास पर इसलिए धरने पर बैठा हूं, क्योंकि आमिर और उसकी पत्नी चुनाव लड़ना चाहते थे, शिवगढ़ में दबंग आदमी के खिलाफ। लेकिन प्रशासन ने वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया। वहां के बीएलओ भी लिख कर दे रहे हैं लेकिन ये मामले को लटका रहे हैं। राहुल यादव एसडीएम और सतीश त्रिपाठी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने कोई जांच नहीं की और आज तक Voter List में नाम उसका दर्ज नहीं हुआ। उसका कहीं नाम नहीं है। पांच महीने से उसको प्रशासन दौड़ा रहा है। उसके परिवार को धमकियां भी मिलीं लेकिन वह कहा कि मैं चुनाव लडूंगा। विधायक (MLA) द्वारा धमकी (threats )के आरोप मामले में एसपी Akash Tomar ने साफ कहा कि विधायक (MLA) झूठा आरोप लगा रहे हैं। सम्पूर्ण प्रकरण से पुलिस का कोई संबंध नहीं है। एसपी (SP) ने कहा कि मैंने विधायक को दुर्व्यवहार करने से रोका तो झूठा आरोप (false accusation) लगा दिया। उन्होंने कहा कि विधायक डीएम (DM) आवास पर वोटर लिस्ट (Voter list) में गड़बड़ी का आरोप लगा धरने पर बैठे थे।

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