कारोबार, खेती, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और इकोनॉमी पर बोले पीएम

  देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया था जहां उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की अपनी परिकल्पना को विश्व-कल्याण से जोड़ते हुए ‘मेक इन इंडिया’ के साथ ‘मेक फार वर्ल्ड’ का नया नारा भी दिया था। जिसमें भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग चेन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभारने का संकल्प शामिल है।

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बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कारोबार की सुगमता, आर्थिक नीतियों में सुधार और अर्थव्यवस्था आधुनिकता की ओर रफ्तार से ले जाने के लिए 110 लाख करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचा परियोजना पाइपलाइन विकसित करने जैसे सरकार की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भर बनने के लिए आज जरूरी आत्म विश्वास से भरा हुआ है।

अगर बात की जाये आत्मनिर्भर भारत की तो पीएम नरेंद्र मोदी के भारत को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को देश की जनता भी अपना भरपूर सहयोग दे रही है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इस विपदा के समय में जिस तरह से भारत ने स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की है ऐसे में दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां आज भारत की ओर देख रही हैं। सरकार द्वारा किए गये सुधारों के परिणाम दिखे हैं। वहीं पिछले साल के मुकाबले विदेशी निवेश में 18 फीसदी की वृद्धि भी हुई है। इस दौरान कंपनियों ने कोरोना संकट के समय में भी भारत में भारी पूंजी निवेश किया है।

 पीएम मोदी ने चीन के बदलते तेवरो पर भी बात कही कि जब दुनिया चीन के बदलते रूप को देखते हुए सप्लाई के नए भरोसेमंद केंद्रों की तलाश कर रही है। तब भारत ने आपदा के समय को अवसर के रूप में परिवर्तित किया। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत का विचार “आयात कम करने का विचार नहीं है बल्कि ये विश्व-कल्याण की एक जरूरत भी है।” कच्चे माल के निर्यात की जगह तैयार उत्पाद मैन्युफैक्चर करने की जरूरत पर जोर देते हुए पीएम ने ये भी कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से भेजा हुआ कच्चा माल तैयार कर के वापस भारत आता रहेगा। ये असल वक्त है देश को आत्मनिर्भर बनाने का।

अगर बात करें दुनिया के लिए मैन्युफैक्चरिंग के बारे में तो पीएम ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ मेक इन इंडिया का नहीं है बल्कि मेक फॉर वर्ल्ड का है। और उन्होंने छोटा सा उदाहरण देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के इस विकट समय में देश में एन-95 फेस मास्क, पीपीई किट और वेंटिलेटर का निर्माण कर ये साबित कर दिया है कि भारत जो ठान लेता है वो कर के ही दिखाता है।

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का 110 लाख करोड़ रुपए के राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का पाइपलाइन भी तैयार करना है और इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों की लगभग सात हजार परियोजनाओं को चिन्हित भी कर लिया गया है।

उन्होंने कानून, कृषि उपजों की विपणन व्यवस्था और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को निजी उद्यमियों के लिए खोले जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस (कारोबार में सुगमता) के लिए उठाए गए कदमों से मध्यवर्ग के युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इंटरनेट प्रौद्योगिकी के दौर में साइबर सुरक्षा को बहुत महत्वपूर्ण भी बताया।

 पीएम मोदी में वोकल फॉर लोकल का भी नारा दिया था साथ ही स्वदेशी अपनाने की बात पर जोर दिया था और स्वदेशी चीजों को ज्यादा मान देने की बात कही।
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि सात करोड़ परिवार को मुफ्त रसोई गैस  उपलब्ध कराए गए हैं और 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन और बैंक खातों में करीब 90,000 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर किए गए हैं।

महामारी के दौरान लोगों को होम लोन की ईएमआई देने अवधि के दौरान 6 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है। वहीं ‘साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिल फाइबर से जुड़ी थीं। जिसके बाद बीते पांच साल में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा चुका है और आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा।

अब कृषि क्षेत्र की बात की जाये तो पीएम मोदी नेकृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत की एक मुख्य प्राथमिकता कहा है साथ ही कहा कि आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान।

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अब पेट्रोल में मिश्रण के लिये पिछले पांच साल में एथेनॉल का उत्पादन 40 करोड़ लीटर से बढ़कर 200 करोड़ लीटर से अधिक हो गया है। इससे एक तरफ तेल आयात में कमी लाने में मदद मिली है

इस तरह से पीएम नरेंद्र मोदी ने स्तंत्रता दिवस पर अहम बातों के साथ इस दिन को और यादगार बनाया।

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