बिहार की जनता को खुश करने के लिए PM मोदी ने किया कोसी रेल महासेतु समेत 12 परियोजनाओं का उद्घाटन

बिहार में विधानसभा चुनाव में कम वक़्त बचा है ऐसे में आज (18 सितम्बर) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को रेलवे की आधरभूत संरचना में सुधार की बड़ी सौगातें दीं। उन्‍होंने कोसी रेल मेगा ब्रिज का उद्घाटन किया। इस ब्रिज के चालू होने के साथ करीब नौ दशक बाद कोसी व मिथिलांचल आपस में रेल मार्ग से जुड़ गए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए मोदी सरकार कोई कसर नही छोड़ना चाहती। चुनाव से पहले जनता को किस तरह अपनी तरफ करना है ये मोदी सरकार को बखूबी पता है। नेपाल सीमा के पास स्थित इस ब्रिज का रणनीतिक महत्व भी है। कोरोना संक्रमण के काल के दौरान इसके निर्माण में प्रवासी मजदूरों ने भी अपना योगदान दिया। इस इसके अलावा प्रधानमंत्री ने रेलवे से संबंधित 12 अन्‍य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

मीरा कुमार का सियासी सफर

बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले यह प्रधानमंत्री का चौथा उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम था। इस वर्चुअल कार्यक्रम में दिल्ली से प्रधानमंत्री के साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल भी जुड़े। कार्यक्रम में पटना से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी शिरकत की। साल 1887 में कोसी क्षेत्र में निर्मली और भापतियाही के बीच मीटर गेज लिंक का निर्माण हुआ था लेकिन 1934 में भारी बाढ़ और नेपाल में आए भूकम्प में यह तबाह हो गया था। इसके बाद कोसी नदी की अभिशापी प्रकृति के चलते इस रेल मार्ग के पुनर्निर्माण का काम शुरू करने को कोई प्रयास नहीं किया गया। इस परियोजना को केंद्र सरकार ने 2003-04 में हरी झंडी दी थी। इस सेतु की लम्बाई 1.9 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर 516 करोड़ रुपये की लागत आई है।

क्यों अहम था कोसी नदी पर रेल मेगा ब्रिज का उद्घाटन

प्रधानमंत्री के आज के कार्यक्रम में कोसी नदी पर मेगा ब्रिज का उद्घाटन सबसे अहम रहा। इसके माध्‍यम से कोसी और मिथिलांचल एक-दूसरे से रेलवे के नेटवर्क के माध्‍यम से जुड़ गए। मेगा ब्रिज पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही निर्मली से सरायगढ़ की दूरी घटकर केवल 22 किलोमीटर रह गई है। कोसी क्षेत्र में निर्मली और भापटियाही के बीच कभी मीटर गेज रेल ट्रैक था, लेकिन 1934 में बाढ़ व भूकंप में यह तबाह हो गया था। उसके बाद कोसी नदी के अभिशाप के कारण यहां रेल मार्ग के पुनर्निर्माण का काम लंबे समय तक शुरू नहीं किया गया। करीब 516 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करीब दो किलोमीटर लंबे इस मेगा ब्रिज का शिलान्‍यास तत्‍कालीन प्रधानमंत्री भारतरत्‍न अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। केंद्र सरकार ने इसे 2003-04 में हरी झंडी दी और जून, 2003 में इसका निर्माण शुरू हो गया था।

नवीनगर विधानसभा सीट

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 12 अन्‍य रेल परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें किउल नदी पर एक रेल ब्रिज, दो नई रेल लाइनें, पांच विद्युतीकरण से संबंधित परियोजनांए, एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शेड और बाढ़ व बख्तियारपुर में तीसरी रेल लाइन परियोजना भी शामिल रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर, समस्तीपुर-खगड़िया, कटिहार-न्यू जलपाईगुड़ी और भागलपुर-शिवनारायणपुर रेलखंडों की विद्युतीकरण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री इसके अलावा बरौनी लोको शेड का भी उद्घाटन किया। इस्लामपुर-तिलैया नई रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन भी शुरू किया जा रहा है। पूर्व-मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के अंतर्गत इस्लामपुर-नटेसर के बीच रेलवे लाइन के साथ विद्युतीकरण कार्य भी पूरा हो चुका है। इतना ही नही प्रधानमंत्री ने हाजीपुर से वैशाली आने-जाने वालो की सुविधा के लिए हाजीपुर-वैशाली-सुगौली नई रेल लाइन का उद्घाटन किया। पूर्व-मध्य रेलवे की इस योजना के तहत हाजीपुर से वैशाली तक रेल लाइन के साथ ही पांच रेलवे स्टेशन भी बन कर तैयार है।

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