ओरिएंट कंपनी ने किया कर्मचारियों को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर

श्रम कानून में बदलाव क्या हुआ सारी कंपनियों ने अपने तेवर ही बदल लिये। लॉकडाउन में कारोबार ठीक से न चल पाने के कारण कारखानों और प्रतिष्ठानों को तीन साल के लिए ज्यादातर लेबर लॉ से मुक्त कर दिया। लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं था कि बहती गंगा में सारी कंपनी हाथ धोयेंगी। जी हां लेबर लॉ यानि कि श्रम कानून में बदलाव किया गया जिसके तहत कंपनियों को अधिकार दिया गया था कि कंपनी की अगर आर्थिक स्थिति खराब है और किसी को वेतन नहीं दे सकती तो कर्मचारियों को उनका हिसाब कर के निकाल सकती है और श्रम कानून में कुछ अन्य बदलाव किये गये हैं जो राज्य सरकार के अनुसार किये गये। लेकिन इन बदलावों को कंपनी ने अपने स्वार्थ के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया और इसी स्वार्थ की बली चढ़ते हुए नजर आए नोएडा सेक्टर 63 में ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी के कर्मचारी।

जहां इन कर्मचारियों को कंपनी में न तो काम करने दिया जा रहा है, न ही उनका इस्तीफा लिया जा रहा है और न ही उनको वेतन दिया गया। बीच में अटका रखे इन कामगारों की क्या गलती है जो लॉकडाउन में इनको वेतन के लिए कड़ी धूप में कभी कंपनी के बाहर प्रदर्शन करना पड़ रहा है तो कभी डीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जी हां इस मामले में कोई रास्ता ना निकलता देख गुस्साए कर्मचारियों ने डीएम ऑफिस पहुंचकर हंगामा। लेकिन इसी बीच इनकी मदद करने के बजाय इन पर लाठी चार्ज कर दिया गया किसी के सिर में गंभीर चोट आई तो किसी के पैर में। उन कर्मचारियों की सिर्फ यही मांग है कि या तो इनको काम पर रखा जाए इनका वेतन दिया जाए या फिर इनका इस्तीफा ही स्वीकार कर लिया जाये।

ओरिएंट कंपनी की मनमानी,कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

अब जरा एसडीएम उमाशंकर ने इस मामले पर क्या कहा ये भी जान लीजिए। जब एबी स्टार ने उनसे पूछा कि इन कर्मचारियों पर लाठी चार्ज क्यों किया गया, क्यों इन कर्मचारियों को अभी तक न्याय नहीं मिला। तो उन्होंने कहा कि मामले में दोनों पक्षों से बात की जा रही है इसके साथ ही उन्होंने पुलिस के लाठी चार्ज करने के सवाल पर कहा ऐसी कोई बात नहीं है। कोई लाठी चार्ज नहीं किया गया है सिर्फ वहां पर पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया है।

अब ऐसे मे बड़ा सवाल ये है कि यदि कारोबार को लेकर किसी कानून में बदलाव किया जाता है तो क्या उसकी बली एक कामगार चढ़ेगा। क्या अगर कोई कामगार अपना अधिकार मांगेगा तो उसके साथ इसी तरह से बदसलूकी की जायेगी जैसे ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी ने अपने कर्मचारियों के साथ की गई है। आगे देखने वाली बात होगी कि सिटी मजिस्ट्रेट ने कह तो दिया है कि आगे कर्मचारियों की बात सुनी जा रही है लेकिन कब उनको न्याय मिलेग ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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