नहीं मिली Om Prakash Chautala को राहत, जुर्माने सहित 4 साल की सज़ा

0
177

किसी ने सही कहा है कि अगर कोई भी गलत काम किया जाए तो उसकी सज़ा ज़रूर मिलती है। बड़े नेता सोचते हैं कि हम तो नेता हैं हमारा कोई क्या बिगाड़ लेगा लेकिन भगवान की नज़रों में सब एक समान हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल सुप्रीमो Om Prakash Chautala ने कभी नहीं सोचा होगा कि उम्र के इस पड़ाव में उनको जेल में जाना पड़ेगा। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल CBI अदालत ने शुक्रवार(27 मई) को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिए गए ओम प्रकाश चौटाला को 4 साल कैद की सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने Om Prakash Chautala पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने Om Prakash Chautala की चार संपतियों को ज़ब्त करने के भी निर्देश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने वर्ष 1993 से 2006 के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दोषी करार दिए गए Om Prakash Chautala और CBI के वकीलों की ओर से गुरुवार को सज़ा पर बहस सुनने के बाद फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

सज़ा सुनाए जाने के दौरान Om Prakash Chautala कोर्ट रूम में ही मौजूद रहे। गुरुवार को सज़ा पर बहस के दौरान चौटाला की ओर से पेश हुए वकील हर्ष शर्मा ने कम से कम सज़ा देने के लिए बुढ़ापे और बीमारी का हवाला दिया और बताया कि चौटाला जन्म से ही पोलियो से संक्रमित हैं और आंशिक रूप से अक्षम हैं। हालांकि, CBI के वकील अजय गुप्ता ने स्वास्थ्य और उम्र के आधार पर चौटाला के वकील द्वारा रियायत देने की दलील का विरोध किया था।

CBI ने अदालत से आग्रह किया कि Om Prakash Chautala को अधिकतम सज़ा दी जानी चाहिए क्योंकि इससे समाज में एक संदेश जाएगा। इस मामले में आरोपी एक सार्वजनिक व्यक्ति है और न्यूनतम सज़ा देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। उनका साफ-सुथरा इतिहास नहीं है। यह दूसरा मामला है जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया है। बता दें कि अदालत ने पिछले सप्ताह चौटाला को दोषी करार देते हुए कहा कि था वह आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति हासिल करने का संतोषजनक हिसाब देने में असफल रहे।

जानें, पूरा मामला

CBI ने Om Prakash Chautala के खिलाफ वर्ष 2005 में मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने 26 मार्च 2010 में दाखिल चार्जशीट में आरोप लगाया था कि चौटाला ने वर्ष 1993 से 2006 के बीच वैध आय से अधिक संपत्ति बनाई। CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, चौटाला ने 24 जुलाई 1999 से पांच मई 2005 तक हरियाणा का मुख्यमंत्री रहते हुए परिवार और अन्य के साथ साठगांठ कर आय के ज्ञात स्रोत से अधिक चल व अचल संपत्ति अर्जित की। यह संपत्ति चौटाला और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित की गई। CBI के मुताबिक, चौटाला ने आय से 6.09 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति अर्जित की जो उनके ज्ञात आय के स्रोत से 189.11 प्रतिशत अधिक थी।

यह भी पढ़ें – ड्रग्स केस में फंसे Aryan Khan को क्लीन चिट

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है