अब Newspaper और Paper में नहीं मिलेगा खाने का सामान, लगा दी गई रोक

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दुकानों पर Newspaper और Paper में खाने का सामान मिलते आपने कई बार देखा होगा और ख़ुद भी आप कई बार बाज़ार से इसमें सामान लाए होंगे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मध्य प्रदेश के करीब सभी जिलों में लोगों के दिन की शुरुआत पोहा, समोसे, जलेबी जैसे नाश्ते के साथ ही होती है। भोपाल और इंदौर में पोहा, समोसा लोगों का सबसे पसंदीदा नाश्ता है। लेकिन अब इस पसंदीदा नाश्ते को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा ऐलान किया है। जिसकी शुरुआत राजधानी भोपाल से होगी।

अब तक लगभग हर दुकान में नाश्ता Newspaper और Paper में ही मिलता था। लेकिन अब जनता की सेहत को देखते हुए नाश्ता इन कागजों पर नहीं मिलेगा। Newspaper में समोसे/पोहा बांध कर अथवा परोसने पर रोक लगाने के लिए 6 सितंबर से भोपाल में अभियान की शुरुआत हो गई। वहीं इसे लेकर भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किए हैं। आदेश में अनुसार अब किसी भी दुकान पर नाश्ता पेपर में नहीं मिलेगा। इसके लिए दुकानों पर पम्प्लेट लगाये जायेंगे तथा विक्रेताओं से शपथ-पत्र लिए जाएंगे कि उनके Newspaper का उपयोग खाद्य सामग्रियों के निर्माण/रखरखाव/परोसने में नहीं किया जायेगा। Newspaper और अन्य कागजों में भोजन से जुड़ा उपयोग पूर्णत बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

आम तौर पर पोहा, समोसा, कचौड़ी जैसा नाश्ता पेपर में ही परोसा जाता है। जबकि छोटी दुकानों पर इन्हें पेक करके भी इसी तरह दिया जाता हैं। हालांकि अब भोपाल कलेक्टर ने Newspaper में नाश्ता देने पर प्रतिबंध लगाने वाले अभियान की शुरुआत कर दी है। बता दें कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की एक रिपोर्ट मे खुलासा हुआ है कि Newspaper में खाना सेहत के लिए हानिकारक है। Newspaper की छपाई में इस्तेमाल स्याही के पेट में जाने से गंभीर बीमारी होती है और स्याही के केमिकल से सबसे पहले पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। रिपोर्ट के अनुसार Newspaper में लिपटा ऑयली खाना और भी खतरनाक होता है। क्योंकि गर्म खाना रखने से ये स्‍याही खाने पर चिपक जाती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों का ख़तरा पैदा होता है।

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