शराब के शौकीन लोगों को ये ख़बर सुनकर ज़रूर ख़ुशी होगी कि अब सिर्फ धरती पर ही नहीं बल्कि Space में भी शराब मिल रही है। अंतरिक्ष (Space) में बहुत सारे ग्रह और सितारे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि Space में अल्कोहल(शराब) भी है। ये शराब किसी एस्ट्रोनॉट ने अंतरिक्ष में नहीं फेंकी है, बल्कि ये सूक्ष्म आणविक रूप में हैं।
शोधकर्ताओं का अब मानना है कि उन्होंने Space में प्रोपेनॉल के रूप में अब तक के सबसे बड़े अल्कोहल अणु की खोज की है। प्रोपेनॉल अणु दो रूपों में पाया जाता है। पहला है सामान्य प्रोपेनॉल जिसे पहली बार उस क्षेत्र में पाया गया है जहां सितारे बन रहे हैं। दूसरा है आइसो प्रोपेनॉल जो हैंड सैनेटाइजर बनाने में इस्तेमाल होता है। इन्हें अभी तक आकाश गंगा के बाहर Space में नहीं देखा गया था। ये खोज उल्कापिंड और धूमकेतु जैसे खगोलीय पिंडों के निर्माण का रहस्य जानने में सहायक हो सकती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के एस्ट्रोकेमिस्ट रॉब गैरोड ने कहा, ‘प्रोपेनोल के दोनों रूपों का मिलना प्रत्येक के गठन को निर्धारित करने में विशिष्ट रूप से शक्तिशाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों में बहुत समानता है, जिसका अर्थ है कि दो अणु एक ही समय में एक ही स्थान पर मौजूद होने चाहिए।’
सितारों के पैदा होने वाले क्षेत्र सैगिटेरियस B2 क्षेत्र में अल्कोहल अणु मिले हैं। ये क्षेत्र हमारी मिल्की वे आकाशगंगा के केंद्र के करीब है। सैगिटेरियस B2 सैगिटेरियस ए के करीब है जो हमारी आकाश गंगा का एक बड़ा ब्लैकहोल है। Space में इस तरह का आणविक विश्लेषण पिछले 15 वर्षों से चल रहा है। 10 साल पहले चिली में अटाकामा लार्ज मिलिमीटर/सबमिलिमीटर एरे (ALMA) टेलीस्कोप तैनात किया गया, जिससे ये खोज तेज हो गई है।
ALMA के ज़रिए Space की गहराइयों तक साफ देखा जा सकता है। इसके कारण शोधकर्ताओं को ऐसे अणुओं की पहचान करने में मदद मिलती है जो पहले कभी नहीं दिखाई देते थे। शोधकर्ताओं का कहना है कि ALMA के जरिए सैगिटेरियस B2 में और अधिकर इंटरस्टेलर अणुओं की खोज की जा रही है। ताकि ये पता लगाया जा सके कि सितारे बनाने में किस तरह के अणु जुड़ते हैं। कार्बनिक अणु आइसो-प्रोपाइल साइनाइड और यूरिया भी मिल चुका है।
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