Karnataka के College में छात्राओं को हिजाब पहनने पर No Entry

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ज़्यादातर College में ड्रेस कोड होता है लेकिन कभी भी छात्राओं को हिजाब पहनने से नहीं रोका गया। Karnataka के उडुपी जिले के एक सरकारी College में कुछ मुस्लिम छात्राएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी मांग है कि कक्षाओं के दौरान उन्हें हिजाब पहनने की इजाज़त दी जाए। College और इन छात्राओं के बीच यह खींचतान लगभग 3 हफ़्ते से जारी है।

20 जनवरी की सुबह इन छात्राओं ने College के गेट पर तख्तियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि उन्हें हिजाब पहनने से रोकना उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है, और इसके बिना वे पुरुष लेक्चरर्स के सामने बैठने पर असहज महसूस करती हैं। जबकि उनकी सीनियर्स को क्लासरूम में हिजाब पहनने की इजाजत थी। प्रदर्शन कर रही छात्रों में से एक,ने बताया, “हम हिजाब पहनकर कॉलेज आए थे। हालांकि, हमें एक बार फिर कक्षाओं में जाने से रोक दिया गया है।”

नया विरोध College के अधिकारियों और जिला अधिकारियों द्वारा छात्रों को एक अल्टीमेटम देने के एक दिन बाद शुरू हुआ है। इस अल्टीमेटम में लिखा गया है कि ड्रेस कोड का पालन करें और एक शिक्षा प्राप्त करें, या फिर घर जाएं और अपनी पसंद से पहनें।

राज्य के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा था कि यह प्रथा “अनुशासनहीनता” है और स्कूल और College “धर्म का पालन करने की जगह नहीं हैं”। उनके इस बयान के बाद से ही विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। नागेश ने “कुछ लोगों” पर आरोप भी लगाया कि ये लोग 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। “कुछ लोगों” से उनका मतलब पीएफआई से जुड़े कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के लोगों से है जो इन छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि छात्रों ने आज सीएफआई से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है।

एक छात्रा ने कहा, “हम कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का हिस्सा नहीं हैं। हमें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या समर्थन नहीं मिला, इसलिए हमने सीएफआई से संपर्क किया।” यह पूछे जाने पर कि क्या शिक्षा विभाग को लड़कियों के अपने धर्म का पालन करने से रोकना चाहिए, या क्या हिजाब, स्कार्फ आदि पहनने से किसी दिशा-निर्देश का उल्लंघन होता है, तो नागेश ने कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब यहा कांग्रेस की सरकार थी, तब सब नियमों का पालन करते थे, लेकिन अब ही इन्हें परेशानी है।

छात्रा ने यह भी जोर देते हुए कहा कि College के नियम और शर्तें हिजाब पहनने का कोई संदर्भ नहीं देती हैं। वे ऐसा क्यों कर रहे हैं जैसे हम कोई अपराध कर रहे हैं? हम केवल एक स्कार्फ मांग रहे हैं।

College ने इसे गाइडलाइंस के खिलाफ माना था। उन्होंने छात्रों से ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कहा था। College विकास समिति के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक रघुपति भट ने कहा कि यह मुद्दा कुछ लोगों द्वारा बनाया गया था और इसका कोई मतलब नहीं है। College ने कहा, “हिजाब को शुरू से ही College ड्रेस के हिस्से के रूप में पहनने की अनुमति नहीं दी गई है। एक यूनिफॉर्म है जिसे हर कोई पॉलिसी के तहत पहनता है और हिजाब उसका हिस्सा नहीं है। हमने इस संबंध में सरकार को पत्र लिखा है और उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”

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