शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म करने की कोशिश

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है… वहीं, बैठक के दौरान मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को भी मंजूरी दे दी है… दरअसल बजट सत्र के दौरान वित्तमंत्री सीतारमण ने नई शिक्षा नीति का एलान किया था…  शिक्षा नीति को मंजूरी मिल जाने के बाद अब पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी, ताकि शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म किया जा सके.

नई शिक्षा नीति के मुताबिक

आने वाले समय में शिक्षक और छात्रों का अनुपात 1:30 होगा.नई शिक्षा नीति में कहानी, रंगमंच,सामूहिक पठन पाठन,चित्रों का डिस्प्ले, लेखन कौशलता, भाषा और गणित पर भी जोर होगा.

इस साल बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने नई शिक्षा नीति का एलान किया था. इस नई शिक्षा नीति के तहत देश में शिक्षा के मायने को बदला जाएगा… इससे न सिर्फ युवाओं को शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि रोजगार प्राप्त करने में भी आसानी होगी.

बजट 2020-21- देश में नई शिक्षा नीति बनेगी, शिक्षा पर पिछले बार के मुकाबले…

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा था कि जिला-अस्पतालों में अब मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना भी बनाई जाएगी,लोकल बॉडी में काम करने के लिए युवा इंजीनियर्स को इंटर्नशिप की सुविधा दी जाएगी. गौरतलब है अभी तक 1986 की ही शिक्षा नीति चली आ रही है. तब से अब तक सरकार समय-समय पर संशोधन करती आ रही है, लेकिन मोदी सरकार ने अब पूरी तरह नई शिक्षा नीति लाने का फैसला किया है. नई शिक्षा नीति में नीति आयोग की तर्ज पर राष्ट्रीय शिक्षा आयोग बनाए जाने की बात है. इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होंगे. आपको बता दें कि नई शिक्षा नीति में स्कूलों में 3 लेंग्वेज पढ़ाए जाने का प्रस्ताव है.

  • दुनिया के छात्रों को भारत में पढ़ने के लिए मिलेगी सुविधा
  • भारत के छात्रों को एशिया, अफ्रीका के देशों में भेजा जाएगा
  • युवाओं को हायर एजुकेशन लेना पहले के मुकाबले होगा आसान
  • राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय
  • राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव
  • डॉक्टरों के लिए शुरू किया जाएगा एक ब्रिज प्रोग्राम
  • प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को प्रोफेशनल बातों के बारे में सिखाया जाएगा
  • स्टडी इन इंडिया को प्रोत्साहित किया जाएगा
  • एजुकेशन सेक्टर में FDI लाया जाएगा
  • गरीब छात्रों के लिए ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम लाया जाएगा
  • टॉप 100 यूनिवर्सिटीज में ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम शुरू होगा

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा हमारी जो नई शिक्षा नीति आ रही है, वह काफी कुछ इन बातों का समाधान करेगी.बता दें कि बजट में शिक्षा के लिए 99 हजार 300 करोड़ और कौशल विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

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