स्कूल-कॉलेजों का बदल जाएगा एजुकेशन सिस्टम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नई शिक्षा नीति को मंजूरी मिलने के साथ ही शिक्षा जगत में कई बड़े बदलाव दिखने वाले हैं. ऐसे में ना सिर्फ स्कूली छात्रों को राहत मिलेगी है. बल्कि रोजगार नहीं मिलने वाले को भी रोजगार के नए-नए अवसर मिलेंगे क्या है नई शिक्षा नीति, कितना हुआ बदलाव, क्या है नई शिक्षा नीति की खासियत बताएंगे विस्तार से. सबसे अब जान लेते हैं कि नई शिक्षा नीति के तहत कैसे स्कूल-कॉलेजों का एजुकेशन सिस्टम बदल जाएगा.?

स्कूलों में 10+2 खत्म, अब शुरू होगा 5+3+3+4 फॉर्मेंट

अब स्कूल के पहले 5 साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा एक और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे. इन पांच सालों की पढ़ाई के लिए एक नया पाठ्यक्रम तैयार होगा… अगले 3 साल का स्टेज कक्षा 3 से 5 तक का होगा. इसके बाद 3 साल का मिडिल स्टेज आएगा यानी कक्षा 6 से 8 तक का स्टेज. अब छठी से बच्चे को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा दी जाएगी. स्थानीय स्तर पर इंटर्नशिप भी कराई जाएगी. चौथा स्टेज (यानी कक्षा 9 से 12वीं तक) का 4 साल का होगा. इसमें छात्रों को विषय चुनने की आजादी रहेगी… साइंस या गणित के साथ फैशन डिजाइनिंग भी पढ़ने की आजादी होगी.

1.पहले कक्षा 1 से 10 तक सामान्य पढ़ाई होती थी

कक्षा 11 से विषय चुन सकते थे

  1. छठी कक्षा से रोजगार पर शिक्षा

नई शिक्षा नीति को अंतिम रूप देने के लिए बनाई गई समिति का नेतृत्व कर रहे डॉ. कस्तूरीरंगन ने कहा, अब छठी कक्षा से ही बच्चे को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा दी जाएगी.

  1. 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा आसान होगी

दसवीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बड़े बदलाव किए जाएंगे. बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को कम कर कई अहम सुझाव दिए गए. जैसे साल में 2 बार परीक्षाएं कराना, दो हिस्सों ऑब्जेक्टिव और व्याख्त्मक कैटेगरी में बांटा गया है… नई नीति के तहत कक्षा तीन, पांच और आठवीं में भी परीक्षाएं होगीं. जबकि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बदले स्वरूप में जारी रहेंगी.

  1. 5वीं कक्षा तक मातृभाषा में पढ़ाई

नई शिक्षा नीति में पांचवीं तक और जहां तक संभव हो सके आठवीं तक मातृभाषा में ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.

  1. स्कूलों में बच्चों की परफॉर्मेंस का होगा आकलन

  • बच्चों की रिपोर्ट कार्ड में बदलाव होगा… उनका तीन स्तर पर आकलन किया जाएगा.एक स्वयं छात्र करेगा
  • दूसरा सहपाठी और तीसरा उसका शिक्षक. नई शिक्षा नीति बेरोजगार तैयार नहीं करेगी
  • स्कूल में ही बच्चों को नौकरी के जरूरी प्रोफेशनल शिक्षा दी जाएगी
  • ग्रेजुएशन में 3-4 साल की डिग्री
  • मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम

जल्द लागू होगी नई शिक्षा नीति

उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने बताया कि नई नीति में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट व्यवस्था लागू किया गया है.यानी किसी भी परिस्थिति में बीच में आपकी पढ़ाई छूट जाती है तो उसका कोई उपाय नहीं होता, लेकिन मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में एक साल के बाद सर्टिफिकेट, 2 साल बाद डिप्लोमा और 3-4 साल के बाद डिग्री मिल जाएगी. 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए है जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं लेना है. वहीं हायर एजुकेशन करने वाले छात्रों को 4 साल की डिग्री करनी होगी. 4 साल की डिग्री करने वाले स्‍टूडेंट्स एक साल में MA कर सकेंगे

  • पांच साल का संयुक्त ग्रेजुएट-मास्टर कोर्स लाया जाएगा
  • नई नीति में MPhil खत्म
  • देश की नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद अब छात्रों को एमफिल नहीं करना होगा. एमफिल का कोर्स नई शिक्षा नीति में निरस्त कर दिया गया है.
  • खत्म होंगे UGC, NCTE और AICTE, बनेगी एक रेगुलेटरी बॉडी
  • यूजीसी AICTI का युग खत्म हो गया है
  • उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने बताया कि उच्च शिक्षा में यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई की जगह एक नियामक होगा

कॉलेजों को कॉमन एग्जाम का ऑफर

  • नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम का ऑफर दिया जाएगा।यह संस्थान के लिए अनिवार्य नहीं होगा. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यह परीक्षा कराएगी.
  • स्कूल में प्री-प्राइमरी लेवल पर स्पेशल सिलेबस तैयार होगा
  • स्कूल शिक्षा सचिव अनीता करवाल ने बताया कि स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया गया है.प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा. इसके तहत तीन से छह वर्ष तक की आयु के बच्चे आएंगे.
  • स्कूल, कॉलेजों की फीस पर नियंत्रण के लिए तंत्र बनेगा
  • कला, संगीत, शिल्प, खेल, योग, सामुदायिक सेवा जैसे सभी विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा
  • ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर
  • हर जिले में कला, करियर और खेल-संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए एक विशेष बोर्डिंग स्कूल के रूप में ‘बाल भवन’ स्थापित किया जाएगा।
  • अभी हमारे यहां डीम्ड यूनविर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूशंस के लिए अलग-अलग नियम हैं। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहते सभी के लिए नियम समान होगा।
  • त्रि-भाषा फॉर्मूला अपनाया जाएगा
  • स्कॉलरशिप पोर्टल का विस्तार
  • एससी, एसटी, ओबीसी और SEDGS स्टूडेंट्स के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल को बढ़ाया जाएगा… NEP
  • 2020 के तहत स्कूल से दूर रह रहे लगभग 2 करोड़ बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाया जाएगा…।।\
  • यानी कुल मिलाकर बात की जाए इस नीति के बारे में तो छात्रों को काफी राहत मिलने वाली है साथ ही साथ उन्हें नई-नई चीजें सिखने को भी मिलेंगी…।।

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है