Shardiya Navratri 2022: छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा

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आज Navratri का छठा दिन है। आज के दिन भक्त मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा करते हैं। मां कात्यायनी को दानवों और पापियों का नाश करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन जो कोई भी भक्त सच्चे मन से मां कात्यायनी की पूजा करता है मां उसके सारे रोगों को हर लेती हैं साथ ही भक्तों के जीवन से भय रूपी अंधकार भी दूर हो जाता है। जो कोई भी भक्त आज के दिन विधि-विधान से मां की सच्चे मन से पूजा करता है मां उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। कहते हैं कि मां कात्यायनी भक्तों पर प्रसन्न होकर उन्हें सुयोग्य का आशीर्वाद देती हैं जिसके बाद विवाह में आने वाली सारी रुकावटें दूर हो जाती हैं

हिंदु धर्मग्रंथों में वर्णित कथाओं के मुताबिक ऋषि कात्यायन देवी मां के बहुत बड़े भक्त थे। एक दिन मां दुर्गा ने ऋषि कात्यायन की तपस्या से खुश होकर उनके घर में बेटी के रूप में जन्म लिया। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण उन्हें मां कात्यायनी के रूप में जाना जाता है।

मान्यता है कि मां कात्यायनी की सच्चे मन से उपासना करने कसे इंसान अपनी इंद्रियों को भी वश में कर सकता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक जब राक्षस महिषासुर का अत्याचार बहुत बढ़ गया था उस वक्त भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने अपना अंश देकर देवी कात्यायनी को उत्पन्न किया था जिसके बाद मां कात्यायनी ने महिषासुर का वध किया और महिषासुर मर्दनी के रूप में भी विख्यात हुईं।

पौराणिक कथाओं में जिक्र मिलता है कि भगवान राम और श्रीकृष्ण ने भी मां कात्यायनी की पूजा की थी इसके अलावा गोपियों ने भी भगवान श्रीकृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा की थी।

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