सरकार हुई सख़्त, 100 साल पुराने Curzon Bridge पर नहीं जा सकेंगे क्षमता से अधिक लोग

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एक हादसा होता है तो सभी लोग डर जाते हैं और शायद डरना भी चाहिए, सिर्फ डरने से ही काम नहीं चलता बल्कि हर हादसे से सबक भी लेना चाहिए। कुछ ऐसा ही इस वक़्त यूपी सरकार भी कर रही है। गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे के बाद UP सरकार ने प्रदेश के सभी पुलों की जांच का आदेश दिया है। इसके अलावा प्रयागराज के Curzon Bridge पर क्षमता से अधिक लोग नहीं जा सकेंगे।

गंगा पर बने 100 साल से अधिक पुराने Curzon Bridge पर क्षमता से अधिक लोग नहीं जा सकेंगे। ब्रिज पर निगरानी की जिम्मेदारी एसीएम और सीओ को सौंपी गई है। मोरबी में रविवार को केबिल ब्रिज हादसे के बाद जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने कर्जन ब्रिज सहित सभी पुलों की निगरानी बढ़ाने के साथ सर्वे का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि Curzon Bridge वाहनों के लिए बंद हो चुका है। फिर भी ब्रिज पर टू व्हीवर चलते हैं। इस ब्रिज पर सुबह-शाम एक्सरसाइज करने वालों की भीड़ होती है। युवाओं के बीच यह ब्रिज आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कुम्भ 2025 में ब्रिज पर म्यूजियम बनाने का प्रस्ताव है। ब्रिज पर भीड़ अधिक न होने देने के लिए एसीएम और सीओ को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई। यमुना पर नए और पुराने पुल, फाफामऊ-तेलियरगंज को जोड़ने वाले आजाद सेतु झूंसी-दारागंज के बीच शास्त्री ब्रिज के अलावा हंडिया-कोखराज को जोड़ने वाले गंगा पर ब्रिज की निगरानी बढ़ाने के साथ सर्वे करना होगा।

एनएचएई नए यमुना पुल और बाईपास के ब्रिज का सर्वे करेगी। इसके अलावा सेतु निगम आजाद सेतु, शास्त्री ब्रिज का सर्वे करेंगे। सभी ब्रिजों की सर्वे रिपोर्ट जिलाधिकारी को देनी होगी। माना जा रहा है कि मोरबी हादसे के बाद UP सरकार एहतियातन अपने सभी पुलों की दोबारा जांच कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है।

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