Men and Women Ratio: पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाएं हुईं ज़्यादा 

0
142

देश में लड़कियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है लेकिन अब ये कहना गलत होगा। दरअसल देश की आबादी में पहली बार पुरुषों की आबादी की तुलना में Women की आबादी ज़्यादा हो गई है। कभी Missing Women की तोहमत झेलने वाले देश के लिए ये बड़ी ख़ुशख़बरी है। यही नहीं, देश में प्रजनन दर में भी कमी आई है।

National Family and Health Survey के अनुसार, देश में अब 1,000 पुरुषों की तुलना में Women की आबादी 1,020 हो गई है। नोबेल प्राइज विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने 1990 में एक लेख में भारत में Women की कम आबादी के लिए ‘Missing Women’ शब्द का इस्तेमाल किया किया था। लेकिन धीरे-धीरे भारत में चीजें बदली हैं और अब देश में Women की आबादी पुरुषों से ज्यादा हो गई है।

1990 के दौरान भारत में प्रति हजार पुरुषों की तुलना में Women का अनुपात 927 था। 2005-06 में यह आंकड़ा 1000-1000 तक आ गया। हालांकि, 2015-16 में यह घटकर प्रति हजार पुरुषों की तुलना में 991 पहुंच गया था लेकिन इस बार ये आंकड़ा 1000-1,020 तक पहुंच गया है। सर्वे में एक और बड़ी बात निकलकर सामने आई है। प्रजनन दर (Total Fertility Rate) या एक महिला पर बच्चों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। सर्वे के अनुसार औसतन एक महिला के अब केवल 2 बच्चे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों से भी कम है। माना जा रहा है कि भारत आबादी के मामले में पीक पर पहुंच चुका है। हालांकि, इसकी पुष्टि को नई जनगणना के बाद ही हो पाएगी।

NFHS का सर्वे दो चरणों में 2019 और 2021 में किया गया। देश के 707 जिलों के 6,50,000 घरों में ये सर्वे किया गया। दूसरे चरण का सर्वे अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा, पुड्डुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को NFHS के आंकड़े जारी किए हैं। प्रजनन दर घटने का असर देश की आबादी घटने में दिखेगा यहा नहीं, इसका पता तो अगली जनलगणना (National Census) में ही पता चलेगा। NFHS के पांचवें राउंड के सर्वे में 2010-14 के दौरान पुरुषों में जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) 66।4 साल है जबकि Women में 69.6 साल।

सर्वे में कहा गया है कि बच्चों के जन्म का Gender Ratio अभी भी 929 है। यानी अभी भी लोगों के बीच लड़के की चाहत ज्यादा दिख रही है। प्रति हजार नवजातों के जन्म में लड़कियों की संख्या 929 ही है। हालांकि, सख्ती के बाद लिंग का पता करने की कोशिशों में कमी आई है और भ्रूण हत्या में कमी देखी जा रही है। वहीं, Women पुरुषों की तुलना में ज्यादा जी रही हैं।

यह भी पढ़ें – Corona Vaccine की दोनों डोज़ लगवा चुके लोगों को शराब पर मिल रहा डिस्काउंट

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है